मानसून ने खोली घटिया निर्माण की पोल

पहली ही बारिश में बही पुलिया भराव की मिट्टी

लोक निर्माण विभाग एवं ठेकेदार की मिलीभगत

स्थानीय लोगों ने की दोबारा निर्माण की मांग

जलगांव/रावेर. ग्रामीण इलाकों में स्थानीय प्रशासन लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्यों की पोल दिन प्रति दिन खुलती जा रही है. मानसून की पहली ही बारिश में उटखेडा तालुका रावेर स्थित कुसुंबा मार्ग पर बनी पुलिया भराव की मिट्टी पानी में बह गयी. ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवागमन करने पर विवश है. सतपुड़ा पहाड़ों के श्रृंखला होने कारण बड़े पैमाने पर बारिश में मूसलाधार बारिश होती है. सड़क और पुलिया का निर्माण कार्य मजबूती से दोबारा शुरू कराने की ग्रामीणों ने मांग की है.

जान हथेली पर रख पार कर रहे पुलिया

सतपुड़ा पर्वत की संख्या में बसे उटखेडा स्थित भिवानी माता के मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा रहता है. सड़क मार्ग की दुर्दशा हुई है. अनेक बार स्थानीय प्रशासन को मार्ग का नव निर्माण करने के लिए प्रेरित करने वाला ज्ञापन दिया गया है. विभाग की लापरवाही के कारण हालत जस का तस बनी हुई. नाले में उतर कर श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में कड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा. 

6 माह पहले ही हुआ था निर्माण

छह माह पूर्व मंदिर मार्ग के एक नाले पर सीमेंट कांक्रीट की पुलिया का निर्माण किया गया था. ठेकेदार और संबंधित विभाग की मिलीभगत से पुलिया का घटिया निर्माण किया गया जिसके चलते पहली मानसून की बारिश में पुलिया के नीचे की सारी मिट्टी भराव पानी के साथ बह गई है. शासन के लाखों रुपए का चूना लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार की मिलीभगत से लगाया गया है. मंदिर के श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से घटिया निर्माण कार्य करने वाले अधिकारियों एवं ठेकेदारों की जांच कराने की मांग के साथ उच्च क्वालिटी का भराव सीमेंट कांक्रीटीकरण करने और मंदिर तक सड़क मार्ग निर्माण करने की मांग की है.