संगीत जीवन में एक सच्चा साथी

आज के दौर में हर जगह तनाव व्याप्त है. हर व्यक्ति जाहे वह नौकरी पेशा हो या बिजनेसमैन हर लोगों को तनाव है. संगीत एक ऐसी चीज है जो जीवन के हर मोड़ और हर पल साथ होती है. कल विश्व योग दिवस के साथ-साथ विश्व संगीत दिवस भी मनाया जाएगा. तनाव पर काबू पाने में संगीत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हमें दुःख और खुशी के समय में भी संगीत की आवश्यकता होती है. संगीत के बिना मनुष्य का जीवन असंभव है. इसलिए यह कहना सही है कि संगीत जीवन में एक सच्चा साथी है. आइए जानें कि यह विश्व संगीत दिवस कब और कहां शुरू हुआ.

  विश्व संगीत दिवस की शुरुआत सन् 1982 में फ्रांस में हुई थी और धीरे-धीरे अब यह समूचे विश्व में मनाया जाने लगा है. फ्रांस के लोगों में संगीत की दीवानगी इस कदर चढ़ी की उस समय के सांस्कृतिक मंत्री ने संगीत दिवस मनाने की घोषणा कर दी. विश्व संगीत दिवस को ‘फेटे डी ला म्यूजिक’ के नाम से भी जाना जाता है. इसका अर्थ म्यूजिक फेस्टिवल है. इस दिन दुनियां का बड़े से बड़ा कलाकार गाना गाने का पैसा नहीं लेता, उस दिन दुनिया भर में संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. संगीत दिवस न केवल फ्रांस में, बल्कि अन्य देशों में भी मनाया जाता है. यह दिन भारत के साथ-साथ अर्जेंटीना, लेबनान, जर्मनी, कोस्टा रिका, लक्ज़मबर्ग, चीन, ब्रिटेन सहित कई देशों में भी मनाया जाता है. 

तनाव दूर करे संगीत 

दुनियाभर में संगीत को चाहने वालों की कमी नहीं है. संगीत आज की भागदौड़ भरी जिदंगी में इन सबसे उबरने में मददगार साबित हो सकता है. म्यूजिक थेरेपी के तहत व्यक्ति के स्वभाव, उसकी समस्या और आसपास की परिस्थितियों के मुताबिक संगीत सुना कर उसका इलाज किया जाता है. आज  संगीत लोगों के खुश रहने का जरिया बन गया है.