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मुंबई. मुंबई में मंगलवार को एक बार कोरोना मरीजों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई जब यहाँ 24 घंटे में कोरोना के 2,654 नये मरीज मिले और 46 मरीजों की मौत हो गई. मुंबई में मरीजों की कुल संख्या 12 लाख 05 हजार 268 हो गई है, जबकि 1 लाख 69 हजार 268 मरीज ठीक हुए हैं और मृतकों की संख्या 8929 है. 

राज्य में भी कोरोना के मामलों की संख्या पहले की अपेक्षा कम रही जबकि 18,317 नये मरीज मिले जबकि 481 मरीजों की मौत हो गई. राज्य में मृतकों का आंकड़ा 36,662 हो गया है.

दादर बना कोरोना का हॉटस्पॉट

कोरोना बीमारी का हॉट स्पॉट बने धारावी में मनपा प्रशासन अंकुश लगाने में कामयाब रहा, लेकिन उससे जुड़े दादर और माहिम कोरोना का अब भी हॉट स्पॉट बना हुआ है. दादर माहिम में रोजाना 25 से 50 मरीज निकल रहे हैं जो कि मनपा अधिकारियों की चिंता बढ़ा रहे हैं. मनपा का जी-नार्थ एक समय धारावी में बढ़ते कोरोना मरीजों को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ था. बीएमसी अधिकारी दादर माहिम में अभी भी कोरोना संक्रमण रोकने में  विफल रहे है.

1000 मरीजों की पूरी हुई वॉइस टेस्टटिंग

कोरोना की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित वॉइस टेस्टिंग की शुरुआत मुंबई में 1 सितंबर को हुई थी. अब तक मुंबई में 1000 कोरोना मरीजों की वॉइस टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. गोरेगांव के नेस्को कोविड सेंटर में मरीजों की वॉइस टेस्टिंग हो रही है. 15 अक्टूबर तक 2000 लोगों की टेस्टिंग पूरी हो जाएगी. कोविड सेंटर की डीन डॉ. नीलम अंद्राडे ने बताया कि मरीजों का डाटा कलेक्ट कर इजराइल की कंपनी को सेंपल भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने में 6 महीने का वक्त लगेगा.

तारीख     धारावी          माहिम         दादर

21               17                27             23

22              15                14             27

23             22                 33            49

24            15                 41             51

25            07                12            21

26           14                 23           48

27           17                26            39

28           12               29              37

29          13               25              27

30          11              50               49

यह एक रिसर्च है

डॉ. अंद्राडे ने बताया कि कोविड सेंटर में आनेवाले कोविड पेशंट की वॉइस टेस्टिंग की जा रही है. यह एक रिसर्च है, इसमें मरीज की पूरी जानकारी इकट्ठा की जा रही है. इसके जरिए मरीज की आवाज़ में कितना बदलाव आया और कितनी कंपन है, आदि का स्क्रीनिंग टूल बनाया जाएगा. यह पूरा सेंपल डाटा के साथ इजराइल की कंपनी को भेजा जा रहा है, वहां रिसर्च कर वॉइस सैम्पल को मैच कराया जाएगा उसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी और पता चलेगा कि कोरोना से  मरीज को कितना खतरा है.