किसान विरोधी है कांग्रेस

  • बीजेपी ने लगाया आरोप
  • कहा- नए कानून से बिचौलियों की नहीं गलेगी दाल

मुंबई. भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है.पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा है कि कृषि सुधार विधेयक का विरोध करके कांग्रेस ने यह सिद्ध किया है कि ‘कांग्रेस का हाथ, दलालों के साथ, किसानों के खिलाफ’ है. नए कानून की वजह से किसानों को बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा. 

बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में उपाध्ये ने कहा कि कृषि उत्पन्न बाजार समिति की मंडी में किसान अपनी उपज सीधे नहीं भेज सकता है. बिचौलियों के माध्यम से ही उपज बेची जा सकती थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों का शोषण खत्म करने उनके पैरों की बेड़ियों को तोडकर उन्हें अपने उपज  की सही कीमत दिलाने के लिए कानून बनाने का काम किया है.

विरोधियों का प्रचार स्वार्थ से भरा हुआ 

विधेयक के विरोधियों का प्रचार स्वार्थ से भरा हुआ है, किसानों के खिलाफ है. नया कानून अमल में आने के बाद किसान अब अपनी उपज को कहीं भी बेच सकेंगे. अनाज के रखने के लिए गांव में ही गोदाम बनाने की व्यवस्था की जा रही है. इस विधेयक में कॉन्ट्रैक्ट खेती इच्छानुसार होने से इस संबंध में विवादों को हल करते समय किसानों के हित को संभालने की व्यवस्था की गई है.

कांग्रेस पार्टी को अपना घोषणापत्र भी याद नहीं 

बीजेपी प्रवक्ता उपाध्ये ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपना घोषणापत्र और अपने समय के दौरान दी गई अनुमति भी याद नहीं है. कांग्रेस की हरियाणा में सत्ता में रहने के दौरान सन 2007 में कॉन्ट्रैक्ट खेती की शुरुआत हुई थी. कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव के समय दिए गए घोषणापत्र में अनाजों की बिक्री पर से प्रतिबंध हटाने का आश्वासन दिया था. अब कांग्रेस पार्टी केवल राजनीतिक विरोध के लिए इस विधेयक का विरोध कर रही है.