बिजली के झटके से आघाड़ी हिली

  • कांग्रेस मंत्रियों ने मांगे फंड
  • कैबिनेट में चर्चा से किनारा
  • तीनों दलों के नेता मिलकर लेंगे फैसला

मुंबई. लॉकडाउन के दौरान जहां बढ़ी बिजली बिल की वजह से लोगों को बड़ा झटका लगा था, वहीं अब बिजली बिल पर रियायत देने के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (मविआ) सरकार भी हिल गई है. मविआ सरकार के बिजली बिल पर रियायत नहीं देने के फैसले के बाद कांग्रेस मंत्रियों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका दिया है. कांग्रेस कोटे के कैबिनेट मंत्री विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार की बैठक में बिजली बिल पर लोगों को रियायत देने के लिए स्पेशल पैकेज देने का मुद्दा उठाने वाले थे, लेकिन शिवसेना व राकां ने इस पर चर्चा करने से किनारा कर लिया.

सूत्रों के मुताबिक अब मविआ सरकार में शामिल शिवसेना, कांग्रेस व राकां के कोर नेता आपस में मिल कर इस पर फैसला लेंगे. इससे पहले उम्मीद की जा रही थी कि कैबिनेट की बैठक में इस मुद्दे पर कोई अहम फैसला लिया जा सकता है, लेकिन लोगों को निराशा हाथ लगी है. वडेट्टीवार का कहना था कि जिस तरह शिवसेना कोटे के मंत्री के विभागों के लिए स्पेशल पैकेज दिया गया है. उसी तर्ज पर कांग्रेस मंत्रियों के विभागों के लिए भी स्पेशल पैकेज दिया जाना चाहिए. वडेट्टीवार के मुताबिक बिजली बिल पर रियायत नहीं मिलने से लोगों में काफी आक्रोश है. ऐसे में जनभावना को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात भी कांग्रेसी मंत्रियों के विभागों को पैसा नहीं मिलने से नाराज हैं.

शिवसेना व राकां की जुगलबंदी

शिवसेना का मानना है कि कोरोना महामारी की वजह से पहले ही राज्य के आर्थिक हालात ख़राब हैं. ऐसे में बिजली बिल पर छूट देने के लिए फंड का इंतजाम करना मुश्किल है. शिवसेना की इस दलील से राकां भी सहमत है. ऐसे में सरकार में रहते हुए कांग्रेस अकेले पड़ गई है. कांग्रेस मंत्रियों ने कहा कि हाल ही में शिवसेना मंत्रियों के विभाग एसटी महामंडल के अलावा कृषि विभाग के लिए स्पेशल पैकेज दिया गया था, फिर ऊर्जा विभाग के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है.

सीएम ने लौटाया प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कोटे से ऊर्जा विभाग के मंत्री नितिन राउत ने बिजली बिल पर लोगों को रियायत देने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ठाकरे के पास भेजा था, लेकिन फंड न होने का हवाला देकर इसे लौटा दिया गया. जिसके बाद राउत ने घोषणा कर दी कि बढ़ी हुई बिजली बिल पर लोगों को किसी तरह की रियायत नहीं मिलेगी. इससे पहले उन्होंने लोगों को बढ़ी हुई बिजली पर 50 फीसदी तक की छूट देने का वादा किया था. अब इस वादा को पूरा नहीं किए जाने से कांग्रेस की काफी किरकिरी हो रही है.

लातों के भूत बातों से नहीं मानते

सरकार द्वारा बिजली बिल पर रियायत नहीं देने के फैसले के बाद राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने ठाकरे सरकार को जोरदार करंट देने का फैसला किया है. मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा है पार्टी अध्यक्ष राज ठाकरे के आदेश पर हमलोग सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि लातों के भूत बातों से नहीं मानने वाले हैं. देशपांडे ने कहा कि बिजली बिल के मुद्दे को लेकर पार्टी अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को ज्ञापन दिया था. राज्यपाल की सलाह पर राज ने राकां अध्यक्ष शरद पवार से भी बात की थी. इसके बावजूद ठाकरे सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह से उदासीन है.    

नितेश बोले, पेंग्विन गैंग की पार्टी शुरू

बिजली बिल के मुद्दे को लेकर ठाकरे सरकार के कट्टर विरोधी बीजेपी विधायक नितेश राणे ने भी निशाना साधा है. उन्होंने पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के ड्रीम प्रोजेक्ट नाईट लाइफ पर हमला करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार ने नाईट लाइफ को अधिक गंभीरता से लिया है. इस वजह से इतनी ज्यादा बिजली का बिल भेजा गया है कि कोई भुगतान नहीं करेगा और अंधेरे में पेंग्विन गैंग की पार्टी शुरू रहेगी.