जलयुक्त शिवार की जांच के लिए SIT का गठन

  • महाजन के बाद अब फडणवीस पर शिकंजा
  • पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार बने हेड, 6 महीने में रिपोर्ट

मुंबई. पूर्व मंत्री गिरीश महाजन के बाद अब ठाकरे सरकार ने नेता विपक्ष देवेन्द्र फडणवीस पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है. फडणवीस के ड्रीम प्रोजेक्ट जलयुक्त शिवार योजना में हुए कथित घोटाले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ( एसआईटी ) का गठन कर दिया गया है. पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.

एसआईटी को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य में सूखे की समस्या से निपटने के लिए जलयुक्त शिवार योजना को लांच किया था. ठाकरे सरकार ने इस योजना में घोटाले का आरोप लगाते हुए इसे बंद कर दिया है. वहीं अब इसकी खुली जांच की जाएगी. ठाकरे सरकार के इस फैसले को बीजेपी के प्रमुख नेताओं को लपटने की दिशा में अहम कदम माना जाना रहा है. इससे पहले फडणवीस के करीबी पूर्व मंत्री गिरीश महाजन के ख़ास लोगों पर पुणे की आर्थिक अपराध शाखा ने रेड मारा था. यह रेड जलगांव स्थित भाईचंद हीराचंद रायसोनी क्रेडिट कॉपरेटिव बैंक( बीएचआर) में हुए कथित घोटाले को लेकर मारा गया था. हाल के दिनों में शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के घर पर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) की रेड के बाद अब बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी ठाकरे सरकार ने जंग का ऐलान कर दिया है.

सीएजी की रिपोर्ट में सवाल

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने भी अपनी रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में शुरू की गई जलयुक्त शिवार पर सवाल खड़े किए थे. इस  रिपोर्ट में कहा गया था कि योजना का जल की गुणवत्ता और भूजल स्तर को बढ़ाने में बेहद कम प्रभाव पड़ा है और इस योजना को लागू करने में पारदर्शिता का अभाव भी पाया गया है. साल 2014-2019  के दौरान शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 9633.75 करोड़ रुपए खर्च किए  गए थे. इसी रिपोर्ट के आधार पर ठाकरे सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस को अब घेरने की पूरी तैयारी कर ली है.   

10 हजार करोड़ का घोटाला

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने जलयुक्त शिवार में 10 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था. उन्होंने इस योजना के प्रचार पर खर्च की गई राशि भी बीजेपी नेताओं से वसूलने की मांग की थी.

एसआईटी टीम के सदस्य

  • विजय कुमार, पूर्व मुख्य सचिव, अध्यक्ष
  • कार्यरत अतिरिक्त पुलिस महासंचालक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो – सदस्य
  • संजय बेलसरे, मुख्य अभियंता, जलसंपदा  विभाग – सदस्य
  • कार्यरत संचालक, मिट्टी व पानी क्षेत्र प्रबंधन, पुणे – सदस्य