16 साल बाद लौटा ‘कुल्हड़’ युग

  • मध्य रेलवे के स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय

मुंबई. 16 साल बाद मुंबई के रेलवे स्टेशनों (Railway stations) पर फिर से ‘कुल्हड़’ युग लौट आया है।  रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही ‘कुल्हड़’ में चाय  को लेकर रेल मंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए मध्य रेलवे के कुछ स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय उपलब्ध कराई जाने लगी है। मुंबई डिविजन के सीएसएमटी, दादर, ठाणे, कल्याण, पनवेल, इगतपुरी, कर्जत और लोनावला स्टेशनों पर यात्री ‘कुल्हड़’ में चाय का आनंद ले सकते हैं। 

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने  देश के प्रमुख 400 रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक के कप के बजाय कुल्हड़ में चाय बेचे जाने की घोषणा की थी। देश भर में रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक व कागज के कप में चाय बेची जाती है। रेल मंत्री के अनुसार मोदी सरकार स्टेशनों को प्लास्टिक फ्री बनाना चाहती है। इस उद्देश्य से आगे चलकर देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय देने की योजना है। मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने बताया कि रेल मंत्री के निर्णय के बाद सेंट्रल रेलवे के सभी डिवीजन में स्टेशनों पर ‘कुल्हड़’ में चाय की शुरुआत की गई है। इस पहल से पर्यावरण सरंक्षण के साथ साथ स्थानीय कुम्हारों को रोजगार भी मिलेगा।

मध्य रेल की इस पहल पर एक यात्री सुनील जॉन ने कहा कि कुल्हड़ में चाय पीने का अलग ही अनुभव है। एक और यात्री इशहाक का कहना है, कि विशेषकर ठंड में ‘कुल्हड़’ की चाय पीने में अलग स्वाद मिलता है। हालांकि रेलवे के कुछ स्टॉल चालकों का कहना है कि कुल्हड़ को संभालना थोड़ा मुश्किल और कप के मुकाबले महंगा भी है।

16 साल पहले लालू ने लिया था निर्णय

करीब 16 साल पहले तत्कालिन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने  रेलवे स्टेशनों पर ‘कुल्हड़’ में चाय बेचने का ऐलान किया था। लालू का तर्क था कि इससे स्टेशनों पर गंदगी नहीं फैलेगी और कुल्हड़ बनाने वालों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। लेकिन धीरे-धीरे प्लास्टिक और पेपर के कपों ने रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ की जगह ले ली। अब रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ की वापसी को लेकर सरकार गंभीर दिख रही हैं।  मध्य रेलवे ने इसकी शुरुआत भी कर दी है।