“सतर्क भारत, समृद्ध भारत” के संदेश के साथ NCR मना रहा सतर्कता जागरूकता सप्ताह

  • महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के रेलकर्मियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई

मुंबई. भ्रष्टाचार, पक्षपात और भाई-भतीजावाद की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए भारतीय रेल द्वारा हर साल सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जाता है, जिसके सिलसिले में उत्तर मध्य रेलवे ने इसका शुभारम्भ 27 अक्टूबर को किया.

2 नवम्बर तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरूआत दिन में महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने उत्तर मध्य और उत्तर रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाकर की.

शरीक हुए वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ उप महाप्रबंधक और मुख्य सतर्कता अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे नवीन कुमार सिन्हा, सभी विभागों के प्रमुख विभागाध्यक्ष, सभी मण्डलों के मण्डल रेल प्रबंधक और उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया. उत्तर मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आगरा, प्रयागराज, झांसी मण्डलों और अन्य इकाइयों में भी इसी तरह के समारोह आयोजित किए गए.

तैयार किये गए विशिष्ट जागरूकता संदेश

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एनसीआर ने बताया कि सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने अभियान के प्रत्येक दिन के लिए विशिष्ट जागरूकता संदेश तैयार किए हैं जो सभी कर्मचारियों को बल्क मैसेजिंग सेवा के माध्यम से भेजे जाएंगे. सतर्कता विभाग के अधिकारी मुख्यालय, उत्तर मध्य रेलवे के 3 मण्डलों और कार्यशालाओं में सतर्कता संगोष्ठी का आयोजन भी करेंगे. इन सेमिनारों के दौरान रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता से जुड़ी बातों पर जागरुक करने के लिए वार्ता, प्रस्तुतीकरण, केस स्टडी आदि प्रस्तुत किए जाएंगे और उन पर चर्चा की जाएगी. गौरतलब है कि इस वर्ष सतर्क भारत, समृद्ध भारत के मुख्य संदेश के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह दिनांक 27 अक्टूबर 2020 से 2 नवंबर 2020 तक मनाया जा रहा है. इस वर्ष मनाये जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह का मुख्य केंद्र  आंतरिक (हाउसकीपिंग) गतिविधियां है, जिन्हे एक अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है.

सिस्टम में सुधार लाना है मकसद

सिस्टम में सुधार लाने और ऑडिट के माध्यम से अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे पर जिन गतिविधियों को चिन्हित किया गया है उनमें रेल भूमि का प्रबंधन अर्थात् भूमि का स्वामित्व, अतिक्रमण सम्बंधी मुद्दे आदि,  रेलवे आवास के आवंटन और अन्य संबंधित मुद्दों में पारदर्शिता और आईटी का उपयोग, रेलवे में आउटसोर्स सेवाओं में काम करने वाले व्यक्तियों को उचित भुगतान और अन्य लाभों को लागू करना, संपत्ति, प्लांटों और मशीनरी आदि का निष्पक्ष और पारदर्शी प्रबंधन आदि शामिल है.