सीनियर्स की हौसला अफजाई से साबिर ने दी कोरोना को मात

मुंबई. कल्याण (पश्चिम), बाजारपेठ स्थित पुलिस स्टेशन के पुलिस नाईक साबिर शेख लोगों को स्टेशन छोड़ने जाते थे और नाकाबंदी के दौरान भी ड्यूटी करते थे. संभवत: इसी दौरान उन्हें कोरोना संक्रमण हुआ. उन्हें 15 दिन से बुखार और गले में खराश थी. घरेलू डॉक्टर से दवा लेने पर बुखार ठीक हो जाता था, लेकिन बाजारपेठ स्थित पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर यशवंत चव्हाण की सलाह पर उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया. 

टेस्ट 10 जून को होलीक्रॉस में कराया गया और 11 को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव ई-मेल के जरिए प्राप्त हुई. साबिर ने कहा कि सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर यशवंत चव्हाण और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर प्रमोद सानप की मदद से मुझे डोंबिवली स्थित आरआर हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. वहां पर ट्रीटमेंट अच्छा हुआ, दवाइयों के अलावा विटामिन सी और मल्टी विटामिंस दिए जाते थे. 

पूरे स्टाफ ने मदद की

साबिर ने कहा कि हर दिन ऑक्सीजन और बुखार की चेकिंग होती थी. हमारे दोनों वरिष्ठ हर दिन डॉक्टर से बातचीत करते थे और मेरा हाल समाचार लेते थे. साथ ही हमारे मित्र पुलिस नाईक भोसले और सालवी सहित पूरे स्टाफ ने हमारी मदद की, जिससे मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई और मैं सही समय पर ठीक हो गया. मैं सीनियर पीआई और एपीआई सहित स्टाफ के सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं. उन्होंने कहा कि दोनों सीनियर्स के चलते हॉस्पिटल में हमारा 57,000 रुपए का बिल कम करके 30,000 रुपए किया गया. हॉस्पिटल में सुबह चाय-नाश्ता, अंडे, दूध, इडली और दोनों वक्त समय पर खाना मिलता था. पुलिस इंस्पेक्टर चव्हाण और एपीआई प्रमोद सानप स्टाफ के जरिए खुद साबिर के लिए नाश्ता, फल आदि भेजते थे. 

सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें 

साबिर का 18 जून को टेस्ट किया गया. 19 को टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई. उसी दिन उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. भिवंडी स्थित घर आकर साबिर शेख 14 दिन का क्वारंटाइन अवधि पूरा कर रहे हैं. साबिर ने कहा कि लोग जहां भी ड्यूटी करें, सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें और थिंकिंग पॉजिटिव रखें. नॉर्मल रहें, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, कोरोना हार जाएगा.