Chandrakant Patil

    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना (Corona) के लगातार बढ़ते मामलों और बढ़ती मृत्यु दर को लेकर भाजपा महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने तंज कसते हुए  कहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) व उनके मंत्रियों की प्राथमिकता सिर्फ सरकार बचाना है, लोगों को कोरोना से बचाने की नहीं।

    उन्होंने उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की तरफ से पुणे में लॉकडाउन की चेतावनी देने के बाद कहा है कि महाराष्ट्र सरकार लोगों को  नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार खो चुकी है। जब उपमुख्यमंत्री पंढरपुर उपचुनाव के कारण बड़ी जनसभा को संबोधित करते हैं, मुख्यमंत्री स्वयं के परिवारजनों के कोरोना पॉजिटिव होते हुए रोज सैकड़ों लोगों से मिलते हैं। कांग्रेस नेता राज्य में जगह-जगह जाकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। ऐसे में इस सरकार को लोगों को नियमों के पालन का भाषण देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।

    लोग कोरोना के डर की वजह से एक तरह के सदमे में 

    उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते कड़े प्रतिबंध लगाना, इलाज के लिए सही सुविधाएं उपलब्ध कराना हो अथवा कोरोना चैन को खत्म करने के लिए प्रोटोकॉल का पालन करना हो उद्धव सरकार की किसी भी तरह से कोरोना के फैलाव को रोकने में रूचि नहीं थी, क्योंकि स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे जो एनसीपी कोटे से मंत्री हैं या स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री अमित देशमुख जो कांग्रेस कोटे से मंत्री हैं। उनके खिलाफ कोई भी कार्यवाही महाविकास आघाड़ी सरकार के गिरने का कारण बन सकती है। महाराष्ट्र के लोग कोरोना के डर की वजह से एक तरह के सदमे में हैं, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अंदर ही अंदर सरकार के बिखरने का डर है।  पाटिल ने कहा कि यदि राज्य सरकार एक सप्ताह के अंदर बढ़ते मरीज़ों की संख्या को रोकने में कामयाब नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर केंद्र सरकार से जरूरी कदम उठाने का निवेदन करेगी।