वार्ड ब्वाय सवर्डेकर से हारा कोरोना

मुंबई. केईएम हॉस्पिटल के एंबुलेंस में कार्यरत (वार्ड ब्वाय) दत्ताराम सावर्डेकर मरीजों की सेवा में संक्रमण के शिकार हो गए. 5 मई से उन्हें बुखार आने लगा. 7 को उन्होंने डॉक्टर को दिखाया. डॉक्टर ने कुछ दवाइयां दीं, जिससे उन्हें आराम हुआ, लेकिन उनका बुखार पूरी तरह ठीक नहीं हुआ.

8 मई को उनका कोरोना टेस्ट किया गया, 10 को उन्हें टेस्ट पॉजिटिव का मैसेज मिला. केईएम हॉस्पिटल में बेड खाली न होने के कारण 10 को ही उन्हें वर्ली स्थित एनएससीआई में बने आइसोलेशन सेंटर में भेज दिया गया. लोअर परेल के रहने वाले 51 वर्षीय सावर्डेकर का वर्ली में तीसरे दिन से इलाज शुरू हुआ. उन्हें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, अजिथ्रोमाइसिन के अलावा विटामिन सी और मल्टीविटामिंस दिए जाते थे.

सावर्डेकर ने कहा कि हर दिन ऑक्सीजन लेवल, हार्ट पल्स और बुखार का चेकअप होता था. उन्होंने कहा कि वर्ली में खान-पान की व्यवस्था अच्छी थी. सुबह चाय-नाश्ता, बाद में उबले हुए अंडे, दोपहर और रात में खाना, केला आदि दिया जाता था. उन्हें 22 मई को डिस्चार्ज कर दिया गया. घर आकर उन्होंने 14 दिन का क्वारंटाइन अवधि भी पूरी कर ली. एक बार फिर उन्होंने अपनी ड्यूटी जॉइन कर ली है. सावर्डेकर के अनुसार कोरोना से बचकर रहना चाहिए. कहीं टच न करें. संक्रमण हो जाए तो डरने की जरूरत नहीं है. इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी युक्त दूध, च्यवनप्राश आदि का सेवन करें, गर्म पानी पीएं, अपनी सोच सकारात्मक रखें.