ट्रैक क्रॉस करने से रोकने फिर आए ‘यमराज’

  • ट्रेस पासिंग के खिलाफ आरपीएफ का अभियान
  • हर साल सैकड़ों लोग गंवाते हैं जान

मुंबई. रेल पटरी पार करने वालों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए पश्चिम रेलवे का ‘यमराज कैम्पेन’ चर्चा का विषय बना हुआ है. साल दर साल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ ने एक बार फिर ‘यमराज, का सहारा लिया है. इस अनोखे अभियान को मुंबई में रेल पटरियों को पार करने की खतरनाक आदत को कम करने की दिशा में सार्थक कदम बताया जा रहा है. मुंबई के उपनगरीय स्टेशनों के आसपास अवैध रूप से रेल पटरी पार करते समय दुर्घटनाओं में सैकडों लोगों की जाने पिछले कुछ साल में जा चुकीं हैं.

पश्चिम रेलवे पर आरपीएफ के जवान पिछले साल से इस तरह का अभियान चला रहे हैं. यमराज के रूप में पोशाक पहने आरपीएफ कर्मचारी प्लेटफॉर्मों पर गुज़र रहे यात्रियों के साथ-साथ रेलवे पटरियों के आस-पास की झुग्गियों में रहने वाले लोगों को भी ट्रेसपासिंग से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं. सीपीआरओ सुमित ठाकुर के अनुसार जनता को ट्रेसपासिंग के खिलाफ जागरूक करने के लिए यह अभियान पश्चिम रेलवे के उपनगरीय खंड बांद्रा, अंधेरी, राम मंदिर, मालाड और बोरीवली स्टेशनों के विभिन्न स्थानों पर चलाया जा रहा है. जीएम आलोक कंसल ने आरपीएफ के इस अभिनव अभियान की सराहना की है. अभियान का मुख्य उद्देश्य पटरी पार करने वाले यात्रियों के बीच मनोवैज्ञानिक भय की भावना पैदा करना है. 

कुछ वर्षों में ट्रेसपासिंग के मामलों की संख्या में कमी

ठाकुर ने बताया कि आरपीएफ  जागरूकता अभियान के साथ ट्रेसपासर्स के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर रहा है, इससे कुछ वर्षों में ट्रेसपासिंग के मामलों की संख्या लगातार कम हो रही है. विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), सबवे, एस्केलेटर और लिफ्ट उपलब्ध कराये गये हैं. इनके अलावा रेल की पटरियों के किनारे नई बाउंड्री का निर्माण किया जा रहा है. जागरूकता अभियान सार्वजनिक घोषणा प्रणाली, नुक्कड़ नाटक भी किए जा रहे हैं. वैसे ट्रेसपासिंग का दोषी पाए जाने पर रेल अधिनियम में 6 माह तक की सजा का भी प्रावधान है.

पिछले साल 2100 से ज्यादा मौतें

एक आरटीआई से जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में मुंबई उपनगरीय रेलवे ट्रैक पर रेल की पटरी पार करते समय या पटरी पर 2123 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 1758 यात्री घायल हुए हैं. मध्य रेलवे मार्ग में कुल 1384 यात्रियों की मौत हुई और 1047 लोग घायल हुए. इसी तरह पश्चिम रेलवे के रास्ते में 739 यात्रियों की मौत हो गई और 711 यात्री घायल हुए है.