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    • ५९,२५० कुल सीटें 
    • ९,६६० कला 
    • १७,९२० वाणिज्य 
    • २७,33० विज्ञान 
    • 4,१3० एमसीवीसी 

    नागपुर. 10वीं में केवल वहीं छात्र अनुत्तीर्ण हुये हैं, जिन्होंने परीक्षा आवेदन नहीं भरा था. जबकि परीक्षा नहीं होने से वे भी छात्र उत्तीर्ण हो गये, जिन्हें उम्मीद भी नहीं थी. उत्तीर्ण होने वाले सभी छात्रों को 11वीं में प्रवेश मिलेगा. सीईटी देने वाले छात्रों को उनकी पसंद का कॉलेज तो मिलेगा ही, लेकिन जो सीईटी नहीं देगा उन्हें भी प्रवेश मिल ही जाएगा. इसके बाद भी सिटी के जूनियर कॉलेजों में सीटें खाली रहेगी. इसकी मुख्य वजह सीटों की तुलना में छात्रों की संख्या अधिक होना है. 

    सिटी में 11वीं की कुल सीटें ५९,२५० सीटें उपलब्ध हैं. जबकि जिले में कुल उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या 59,847 है. इनमें ग्रामीण के करीब 20,000 छात्रों का समावेश है. वहीं दूसरी ओर 10वीं उत्तीर्ण होने के बाद कई छात्र आईटीआई और पॉलिटेक्निक में भी चले जाते हैं. यदि सीबीएसई से आने वाले करीब 5,000 छात्र भी पकड़ लिये जाये तो भी सभी सीटें भरती नजर नहीं आ रही है. यही वजह है कि इस बार भी जूनियर कॉलेजों में सभी सीटें नहीं भर पाएगी. फर्क इतना ही होगा कि गत वर्ष की तुलना में सीटें कम खाली रहेगी. पिछले वर्ष 24,000 सीटें खाली थीं. लेकिन इस बार यह संख्या कुछ कम जरूर होगी.

    ऑनलाइन ही शुरू होगा सत्र 

    कोविड की वजह से फिलहाल 2-3 महीने स्कूल-कॉलेज बंद ही रहेंगे. सिटी की बजाय ग्रामीण भागों में पहले स्कूल खुल गये हैं. यही वजह है कि अब तक ग्रामीण से सिटी में आने वाले छात्रों का आकर्षण भी कम हुआ है. वैसे भी कोचिंग-टयूशन में प्रवेश के लिए सिटी में आने वाले छात्रों ने पहले ही प्रवेश ले लिया है. यह छात्र ऑनलाइन माध्यम से क्लासेस कर रहे हैं. इस हालत में यह छात्र ग्रामीण भागों के कॉलेजों में ही प्रवेश लेना पसंद करेंगे. सीईटी के बाद पहले राउंड में नामी कॉलेजों में सीटें जल्दी भर जाएगी, लेकिन अन्य कॉलेजों को हमेशा की तरह ही प्रतीक्षा करना पड़ सकता है.  

    कईयों ने दे दिये प्रवेश 

    सिटी से बाहर सीबीएसई और स्टेट बोर्ड के कई जूनियर कॉलेजों ने पहले ही एडवांस बुकिंग शुरू कर दी थी. सीबीएसई स्कूल जहां 12वीं तक की क्लासेस है, प्रवेश भी देना शुरू कर दिया है. सरकार ने सीबीएसई में प्रवेश के लिए सीईटी को अनिवार्य नहीं किया है. यही वजह है कि इन स्कूलों के लिए प्रवेश के रास्ते खुल गये हैं.

    जबकि सिटी के बाहर स्टेट बोर्ड के स्कूलों ने भी अपने 10वीं के छात्रों को प्रवेश देकर ऑनलाइन क्लासेस भी आरंभ कर दी है. छात्रों का सबसे ज्यादा आकर्षण साइंस और कामर्स की ओर दिख रहा है. पिछले वर्ष सबसे अधिक 5,640 सीटें कला संकाय में खाली रह गई थी. वहीं वाणिज्य में 7,953, साइंस में 8,714 और एमसीवीसी में आधी यानी 2,109 सीटें खाली रह गई थी. जानकारों की मानें तो इस बार सीटें खाली रहने का अनुपात कुछ कम होगा. 59,847 जिले में उत्तीर्ण 

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    • 29,622 लड़के