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  • सरकार ने मनपा को भेजा खुलासा

नागपुर. मनपा में एवजदार कर्मचारियों को हाल ही में स्थायी करने का निर्णय लिया गया. इन एवजदारों में से अधिकांश को अधिसंख्य पदों पर नियुक्तियां की गई. अधिसंख्य पदों पर नियुक्तियां होने के कारण ऐसे कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन देने को लेकर प्रशासन में संभ्रम की स्थिति थी. जिससे मनपा के लेखा विभाग की ओर से 22 फरवरी 2021 को राज्य सरकार को पत्र भेजकर खुलासा करने का अनुरोध किया गया था.

अब उप सचिव सतीश मोघे द्वारा मनपा आयुक्त को भेजे गए पत्र में अधिसंख्य पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को भी 7वां वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन देने पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होने का खुलासा किया गया. उल्लेखनीय है कि अधिसंख्य पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को भी 7वां वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग करते हुए नागपुर महानगरपालिका राष्ट्रीय एम्प्लॉईज यूनियन की ओर से पालक मंत्री नितिन राऊत तथा राज्य सरकार को भी पत्र भेजा गया था.

एक जैसी है वेतन श्रेणी 

राज्य सरकार की ओर से किए गए खुलासे में बताया गया कि एवजदार कर्मचारियों में से नए रूप से समायोजित होनेवाले कर्मचारियों की वेतन श्रेणी और पूर्व के मंजूर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की वेतन श्रेणी एक जैसी है. इसे सुनिश्चित करने के आयुक्त को निर्देश दिए गए थे. वेतन श्रेणी या श्रेणी वृद्धि न करने के कहीं भी निर्देश नहीं दिए गए. अब विशेष मुद्दा मानकर राज्य सरकार ने अधिसंख्य पदों पर नियुक्तियों को हरी झंडी दी थी.

8 दिसंबर 2020 को राज्य सरकर ने मनपा के मंजूर पदों पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के संदर्भ में मान्यता दी थी. जिससे अधिसंख्य पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को भी इसी तरह से वेतन आयोग लागू होगा. सरकार से खुलासा आने के बाद संगठन के अध्यक्ष सुरेन्द्र टिंगने, रंजन नलोडे, ईश्वर मेश्राम, प्रवीण तंत्रपाले, बाबा श्रीखंडे, अरूण तुर्केल, हेमराज शिंदेकर, संजय मोहले, बलीराम शेंडे ने सरकार का आभार व्यक्त किया.