Tiger Death
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  • टी-22 ने उतारा मौत के घाट, उमरेड कर्हांडला की घटना

उमरेड. इलाके पर कब्जे की प्रतिस्पर्धा में एक वयस्क बाघ ने अपने से उम्र में छोटे बाघ शावक को मार डाला. यह घटना उमरेड कर्हांडला वन्यजीव अभयारण्य में कुही वन्यजीव क्षेत्र अंतर्गत वानोडा फाॅरेस्ट बीट में हाल ही में प्रकाश में आई है. संघर्ष में मरने वाला बाघ 22 महीने आयु का बताया जाता है.

वन विभाग की वन्यजीव शाखा से जुड़े सूत्रों के अनुसार संघर्ष में मृत बाघ ताड़ोबा वन्यजीव अभयारण्य से प्रवास कर उमरेड कर्हांडला वन्यजीव अभयारण्य में आयी काॅलर बाघिन टी-17 का शावक था. इस शावक की मौत से वन्यजीव संरक्षण और वन पर्यटन के साथ जुड़े लोगों के बीच खलबली मच गई है.

बीते शनिवार की शाम करीब 7 बजे वानोडा फाॅरेस्ट बीट के कंपार्टमेंट 365 के परिसर के पास से वन विभाग का गश्ती दल पेट्रोलिंग कर गुजर रहा था. तभी टीम के कर्मचारियों को तेज बदबू आई और किसी बड़े वन्यजीव की मौत का संदेह हुआ. ढूंढने पर पास ही में मृत बाघ दिखाई दिया. इस दल ने घटना की जानकारी कुही वन्यजीव वन परिक्षेत्र अधिकारी आरती ठाकरे, डीएफओ वन्यजीव राहुल गवई आदि को दी. रविवार की सुबह सीसीएफ वन्यजीव रविकिरण गोवेकर, राहुल गवई, एनटीसीए के प्रतिनिधि अनिल डहारिया, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के प्रतिनिधि रोहित कारू, आरती ठाकरे आदि ने घटना स्थल पर जाकर मुआयना किया.

राजा को पसंद नहीं आया नया प्रतिस्पर्धी
बताया जाता है कि बाघिन टी-17 जब प्रवास कर उमरेड कर्हांडला में आई थी तब यह शिशु शावक उसके साथ में था. इसे कई बार बाघिन के साथ देखा जाता था जिससे वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों में उत्साह था. इस शावक की आयु बढ़ते हुए अब यह 22 महीने का हो चुका था. वयस्कता को प्राप्त करने के कारण अब यह अपने लिए अपने अधिकार का भूभाग तैयार कर रहा था. प्रत्येक नर बाघ अपने जन्मजात गुणों के कारण वयस्क होकर अपना इलाका बनाता है. इसी स्वभाव के कारण यह शावक कई जगह पर घूमकर झाड़ियों और पेड़ के तनों पर पेशाब छोड़ता था. पंजों से खुरचकर निशान बनाता था.

युवा बाघ के हरकतों की जानकारी इस क्षेत्र में पहले से कब्जा जमाए बैठे 11 वर्षीय बाघ टी-22 को मिली. इससे वह बौखला गया और युवा बाघ को ढूंढने लगा. मौका मिलते ही टी-22 ने इस शावक पर हमला कर उसे मार डाला. जांच के दौरान इस क्षे़त्र में लगे हुए ट्रैप कैमरे में टी-22 दिखाई दिया है.

दांत और नाखूनों से किया घायल
नियमानुसार शावक के शव का घटना स्थल पर ही पोस्टमार्टम वनविभाग के डाॅ. चेतन पातोल, डाॅ. बिलाल अहमद और कुही के पशुधन अधिकारी डाॅ. इलाही व अन्य ने किया. मृत शावक के पूरे शरीर में टी-22 बाघा के दांत और नाखून के गहरे घाव पाए गए. साथ ही मृत शावक के शरीर की दो हड्डियां बुरी तरह टूटी हुई थीं. शासकीय औपचारिकताओं के बाद शावक के शव का दहन कर दिया गया. बताया गया कि यह दोनों बाघों ने बीच खूनी संघर्ष दो दिन पहले हुआ था. उल्लेखनीय है कि शावक का हत्यारा टी-22 ब्रम्हपुरी के जंगल से उमरेड कर्हांडला पवनी के जंगलों में रहने के लिए आया है.