today-in-history August 6-First test tube baby born in India
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  • प्रसूति के बाद स्वस्थय होकर लौटी

नागपुर. सिटी के डॉक्टरों ने पैरालाइसिस सहित कई बीमारियों से ग्रस्त व कोरोना संक्रमित महिला की सफल प्रसुति कराई. डॉक्टरों के टीमवर्क के कारण महिला और नवजात दोनों स्वस्थ हो चुके हैं. कटनी मध्यप्रदेश की 32 वर्षीय महिला आठ महीने की गर्भवती होने के दौरान गंभीर रूप से बीमार हो गई थी. स्थानीय अस्पताल में महिला की हालत बिगड़ने से उसे सिटी के क्रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया.

यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने पाया कि इस महिला को तेज सिरदर्द, कई अंगों में झुनझुनाहट, पैर के निचले हिस्सों में पैरालाइसिस और सामान्य कमजोरी थी. कोविड-19 की जांच में भी यह पॉजिटिव निकली. इसकी गंभीर हालत को देखते हुए महिला को पांच दिन अतिदक्षता वार्ड में रखकर सिजेरियन प्रसव कराया गया. कमजोरी के कारण उसके अंग सुन्न हो गये थे.

कमजोरी के कारण वह तंत्रिका तंत्र से संबंधित गंभीर बीमारी के गिरफ्त में आ चुकी थी. उसे 28 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. अब महिला खुद चलने में सक्षम हो गई है. इसे चिकित्सा की दृष्टि से बड़ी जीत माना जा रहा है. इस मरीज के पूरे इलाज में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आनंद सोमकुवंर, डॉ. दीप्ति शेंडे, डॉ. समीर अरबट, डॉ. रोहिणी धर्माधिकारी सभी अन्य सहयोगियों का योगदान रहा.