Nagpur District Court

    नागपुर. कोरोना की भयावह स्थिति के बीच जिला सत्र न्यायालय में वकील और न्यायाधीशों को काम करना पड़ रहा है. लगातार कोरोना की चपेट में आने से कई वकील और जज भी बाधित होने के मामले उजागर हो रहे हैं. अचानक गत कुछ दिनों में कोरोना पॉजिटिव आने के साथ ही कुछ वकीलों की मृत्यु हुई है. अब जिला सत्र न्यायालय में हुए कोरोना ब्लास्ट को लेकर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन हरकत में आ गया है जिससे बुधवार को जिला सत्र न्यायालय में बैठक बुलाई गई. बैठक में जिला सत्र न्यायालय में कोरोना की स्थिति और व्यवस्था को लेकर चर्चा होने की जानकारी सूत्रों ने दी.

    चाक-चौबंद हो व्यवस्था

    जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुदीप जायसवाल ने कहा कि कोर्ट परिसर का दायरा काफी बड़ा है. इसी तरह कोर्ट में वकीलों की संख्या और चल रहे मामलों को देखते हुए वकीलों और मुव्वकिलों का यहां तांता लगा रहता है. सामान्य समय में इससे किसी तरह की परहेज नहीं है किंतु कोरोना की दूसरी लहर में लगातार बढ़ते आंकड़ों के बाद स्थिति भयावह है. इससे परिसर में व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए. 150 से 200 वकील अब तक कोरोना से बाधित हुए हैं. यह आंकड़ा चौंकाने वाला और भयावह है. उन्होंने बताया कि तेलंगाना के कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था की गई है. कम से कम उस तर्ज पर व्यवस्था होने से निश्चित ही कुछ राहत मिल सकेगी.