इंजीनियरिंग: पीसीएम ग्रुप के न्यूनतम अंकों में 5 प्रश की कटौती

  • अधिकाधिक छात्रों को मिल सकेगा प्रवेश

नागपुर. अभियांत्रिकी प्रवेश के लिए 12वीं के न्यूनतम अंकों में 5 फीसदी की कमी की गई है. अब 12वीं में पीसीएम ग्रुप में 45 प्रतिशत अंक मिलने वालों को भी प्रवेश मिल सकेगा. इससे पहले सामान्य वर्ग के लिए 50 और आरक्षित वर्ग के लिए 45 फीसदी अनिवार्य थे. लेकिन अब आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम अंक 40 फीसदी कर दिये गये हैं.

सरकार की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जारी किये नोटिफिकेशन के अनुसार जिन छात्रों को  भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र व गणित (पीसीएम) इन तीनों विषयों में न्यूनतम 45 फीसदी और आरक्षित वर्ग के छात्रों को 40 फीसदी अंक हासिल करना अनिवार्य होगा. कर्नाटक सहित अन्य राज्यों की तरह ही महारष्ट्र ने नियमों को शिथिल किया है.

इस संबंध में पिछले वर्षों से मांग की जा रही थी. उक्त राहत अभियांत्रिकी के साथ ही औषधनिर्माणशास्त्र, होटल मैनेजमेंट, विधि पाच वर्षीय पाठ्यक्रम, बैचलर इन फाइन आर्ट, बैचलर ऑफ डिजाईन पाठ्यक्रमों के लिए लागू रहेगी.

इससे अधिकाधिक छात्रों को प्रवेश के लिए अवसर मिल सकेगा. दरअसल अनेक छात्र एेसे होते थे, जिन्हें 12वीं में अच्छे अंक मिलने के बाद भी पीसीएम ग्रुप में 50 फीसदी अंक नहीं होते थे. इस वजह से सीईटी में अच्छे स्कोर के बाद भी छात्र इंजीनियरिंग प्रवेश से वंचित रह जाते थे. कुछ वर्ष पहले महाराष्ट्र पुराना ही नियम लागू था, लेकिन गुणवत्ता का हवाला देते हुए तकनीकी शिक्षा विभाग ने 50-45 फीसदी का नियम लागू किया था. 

डिप्लोमा के लिए भी लागू

राज्य में पालिटेक्नीक, फार्मसी डिप्लोमा के लिए प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरू है. अब डिप्लोमा के लिए भी उक्त नियम लागू किया गया है. इससे पालिटेक्नीक संस्थाओं की हालत में सुधार होने की उम्मीद है. पिछले वर्षों में पालिटेक्नीक में आधे से भी कम प्रवेश हो रहे हैं. छात्र नहीं मिलने की वजह से कई संस्थाओं को बंद करना पड़ा है. यही स्थिति फार्मेसी में भी बनी हुई है. न्यूनतम अंकों में राहत मिलने से ग्रामीण छात्रों को अधिक लाभ मिल सकेगा. ग्रामीण भागों में अनेक छात्र पालिटेक्नीक में प्रवेश के माध्यम से भविष्य की राह आसान बनाते हैं. लेकिन अंकों की अनिवार्यता से निराश होना पड़ता था.