Army COVID Hospital
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  • 1,507 ऑक्सीजन युक्त बेड प्राइवेट में
  • 1,177 शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध
  • 69 प्राइवेट अस्पतालों में सुविधा
  • 2,423 बेड प्राइवेट अस्पतालों में

नागपुर. कोरोना का प्रादुर्भाव बढ़ने के साथ ही सिटी में हालात भी बिगड़ रहे हैं. हालांकि अब भी बिना लक्षण वाले मरीज होम आइसोलेशन में रहकर उपचार कर रहे हैं, वहीं मनपा द्वारा बनाये गये कोविड केयर सेंटर में भी भर्ती किया जा रहा है. जबकि गंभीर मरीज शासकीय अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. बेहतर साधन सुविधा वाले नामी प्राइवेट अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जबकि अन्य अस्पतालों में अब भी बेड खाली है. लेकिन मरीजों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो भविष्य में दिक्कतें भी बढ़ सकती है.

हालांकि मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन फिलहाल पिछले वर्ष के सितंबर-अक्टूबर जैसी स्थिति नहीं बनी है. इस बार अधिकांश मरीज बिना लक्षण वाले मिलने से मरने वालों की संख्या कम है. लेकिन बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक है. पिछले दिनों विभागीय आयुक्त ने शासकीय अस्पतालों को ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार करने के निर्देश दिये है. फिलहाल मेडिकल में कोरोना बाधितों के लिए करीब १,000 बेड उपलब्ध कराए गये है. वहीं मेयो में ६६० बेड, एम्स में ७० बेड उपलब्ध है. इसी तरह के मनपा के अस्पताल, शालिनीताई मेघे अस्पताल में भी बेड उपलब्ध है.

भर्ती होने से पहले मरीजों का हो योग्य मार्गदर्शन

मनपा से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 69 प्राइवेट अस्पतालों में कोविड मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. इन अस्पतालों में 1,507 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं. जबकि मनपा सहित शासकीय अस्पतालों में 1,177 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं लेकिन अधिकांश मरीजों की इच्छा नामी प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती होने की होती है. जबकि स्थिति यह है कि नामी अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त बेड नहीं मिल रहे हैं. यही वजह है कि मरीजों को बेड की कमी महसूस हो रही है. मनपा द्वारा वीएनआईटी और पांचपावली में ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध कराए गये हैं. जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है उनके लिए मेडिकल, मेयो सहित मनपा के अस्पतालों में भी सुविधा उपलब्ध है. किसी भी मरीज के भर्ती होने से ऑक्सीजन लेवल की जांच के साथ ही तय हो जाता है कि किस अस्पताल में भर्ती होने से उपचार अच्छा मिलेगा. जिस भी डॉक्टर द्वारा मरीजों को भर्ती होने के लिए रेफर किया जाता है तो उनके द्वारा योग्य मार्गदर्शन किये जाने की जरूरत है. 

फिलहाल सिटी में कोविड मरीजों के लिए बेड की कमी बिल्कुल नहीं है. लोग सिटी के केवल 5-6 नामी अस्पतालों का चयन करते हैं, इन अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर बेवजह प्रशासन को दोष देते हैं कि बेड नहीं मिल रहे हैं. जबकि इस तरह की स्थिति नहीं है, बेड पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है. इसके लिए मनपा द्वारा मार्गदर्शन भी किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से आहवान किया है कि बेवजह घबराए नहीं.  

– जलज शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, मनपा.