Coronavirus
File Photo

  • बेलगाम हुई कोरोना की रफ्तार

नागपुर. इसमें कोई संदेह नहीं की टेस्ट बढ़ने के साथ ही पाजिटिव मरीजों की संख्या में भी वृद्धि होगी, लेकिन चिंता का विषय मरीजों की मौत को लेकर है. बुधवार को पिछले चौबिस घंटों के भीतर अब तक के सर्वाधिक 60 मरीजों की मौत हो गई. स्थिति तेजी से बेलगाम होती जा रही है. इतना ही नहीं अब कम्युनिटी स्प्रेड से भी इंकार नहीं किया जा सकता. वहीं 2052 नये मरीजों के साथ ही कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 57482 तक पहुंच गई है.

जिले में कोरोना अब पूरी रफ्तार से फैल रहा है. चौबिस घंटों के भीतर कुल 8340 लोगों की टेस्ट की गई. जिसमें 4811 एंटिजेन टेस्ट का समावेश है. कुल पाजिटिव में से 417 ग्रामीण और 1626 सिटी के मरीजों का समावेश रहा. जिन मरीजों की मौत हुई उनमें 14 ग्रामीण और 37 सिटी के मरीजों का समावेश रहा है. अब तक करने वालों की संख्या 1815 हो गई है.

प्रशासन द्वारा तमाम तरह के उपाय किये जाने के बाद भी अब भी मृत्यु दर पर नियंत्रण मुश्किल हो रहा है. डाक्टरों की माने तो आने वाले दिनों में मरने वालों का आंकडा और बढ़ सकता है. इसकी मुख्य वजह लोगों द्वारा समय पर उपचार नहीं करना और बेवजह से अफवाहों के झांसे में आना भी है.

मार्च से लेकर अब जिले में कुल 372813 लोगों की जांच की जा चुकी है. इनमें 209221 लैब और 163592 एंटिजेन टेस्ट का समावेश रहा है. बुधवार को 1594 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई. इस तरह अब तक जिले में कुल 43927 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके है. इनका रिकवरी रेट कुल 76.42 फीसदी है. फिलहाल जिले में 11740 एक्टिव केस है. इनमें 6143 होम आयसोलेशन में रहकर उपचार का लाभ ले रहे हैं.

अब भी भ्रम और अफवाह का शिकार
अनेक लोग अब भी भ्रम और अफवाह की वजह से उचित इलाज नहीं करा रहे हैं. शासकीय अस्पतालों में मरीजों की जांच और भर्ती करने की सुविधा होने के बाद भी लोग पहले निजी अस्पतालों में संपर्क कर रहे हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि निजी अस्पतालों में बेड खाली नहीं है. जबकि मेडिकल और मेयो में बेड मैनेज करने के लिए दो आईएएस अधिकारियों को नियुक्त किया गया है, जो समय-समय पर खाली बेड की स्थिति पर नजर रख रहे है. ताकी गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके.

कोविड सेंटर के बारे में भी लोगों को जानकारी नहीं है. तीनों कोविड सेंटर में उन्हीं मरीजों के भर्ती की व्यवस्था की गई है जिनमें लक्षण कम है और जिनके घर पर आयसोलशन की व्यवस्था नहीं है. लेकिन अब भी कई लोग घरों में रहकर ही इलाज कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं. जब लोगों को तबीयत गंभीर हो रही है तब जाकर अस्पतालों में भर्ती होने के लिए जा रहे हैं.

57482 कुल संक्रमित

1815 की मौत

43927 को छुट्टी

11740 एक्टिव केस