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नागपुर. मनसर खवासा हाईवे पर वन्यजीवों के साथ हो रही सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है. वन्यजीवों के साथ हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य वनसंरक्षक पी. कल्याण कुमार ने राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को हाईवे के कुछ स्थानों से डिवाइडर हटाने के आदेश दिये है. जानकारी है कि एनएचएआई के अधिकारियों ने हाईवे पर बने सभी फ्लाईओवर के पास से डिवाइडर हटाने का काम शुरू कर दिया है. वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी सुविधा की दृष्टी से फ्लाईओवर के पास से डिवाइडर हटाने का फैसला लिया गया है. 

2 वर्षों में 5 तेंदुए और बाघ की मौत

मनसर खवासा हाईवे एनएच 7 वन्यजीवों के मिटीगेशन मेजर्स के आधार पर निर्माण किये जाने के बाद भी गत 2 वर्षों से कई वन्यजीव अंडरपास की बजाय हाईवे से क्रास हो रहे हैं. इस दौरान गत वर्षों से कई वन्यजीवों की वाहनों से टक्कर होने से उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि सड़क पार करने के दौरान वाहनों की टक्कर से गत 2 वर्षों में 5 से अधिक तेंदुए और बाघों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा कई वन्यजीव जैसे की हिरण और बंदर भी हादसे में जान गवां चुके है. कई बार वन्यजीवों के हाईवे पर दिखाई देने और सड़क पार करने वाले वीड़ियो सोशल मीड़िया पर वायरल हो चुके है. 

वन्यजीवों की मौत पर गंभीर 

पी. कल्याण कुमार ने बताया कि वन्यजीवों के साथ हो रहे हादसों को रोकने के लिए मिटिगेशन उपाययोजना में कुछ बदलाव लाने का कार्य शुरू किया गया है. वनक्षेत्र से गुजरने वाले सभी अंडर पास के दोनों छोर पर सड़क के बिच बने डिवाइडर को निकालने का आदेश दिया गया है. एनएचएआई ने यह कार्य शुरू भी कर दिया है. कई बाद वन्यजीव अंडर पास से जाने के बजाए हाईवे पर पहुंच जाते है.

जंगल के दूसरी तरफ पहुंचने के लिए वे कई बार सड़क पार कर डिवाइडर पर पहुंच जाते है, लेकिन उसके बाद भी सड़क दिखाई देने पर वह विचलित होकर छलांग लगाते हुए सड़क पार करने का प्रयास करते है. किंतु दूसरी ओर से आ रहे तेज रफ्तार वाहन से उसकी टक्कर होने के कारण उसकी मौत हो जाती है. इसके अलावा कई बार वन्यजीव रास्ते की तलाश में फ्लाईओवर पर भी चढ़ जाते है. फ्लाईओवर के दोनों छोर पर कुछ दुरी तक डिवाइडर निकालने पर वन्यजीवों को सड़क पार करने में कोई दिक्कत नहीं होगी और वह आसानी से रास्ता क्रास कर जंगल की ओर बढ सकते है. 

रेडियम वाले डिवाइडर लगाने का सुझाव

बतादें की यह फैसला लेते हुए उनके सामने एक और परेशानी थी. हाईवे के नियमों के अनुसार फ्लाईओवर या उसके आस पास के क्षेत्र में डिवाइडर हटाने का कहीं भी प्रावधान नहीं है. एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना ग्रस्त वाहन के दूसरे लेन में पहुंच जाने से अन्य वाहनों के साथ जानलेवा हादसा हो सकता है इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए डिवाइडर का निर्माण किया जाता है. ता कि कोई अनियंत्रित वाहन अपने लेन से दूसरे लेन में न पहुंचे.

इस समस्या पर उपाय निकालते हुए पी. कल्याण कुमार ने उन्हें दिल्ली और चंदीगढ़ रूट की उपाययोजना पर कार्य करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि हाईवे पर सीमेंट के उंचे डिवाइडर लागने के बजाए रेडिम के खंभे लगाए जाए. ऐसा करने पर वन्यजीवों को भी रास्ता पार करने में कोई दिक्कत नहीं होगी और अनियंत्रित वाहनों भी दूसरी लेन में नहीं घुस पाएगे.