5 youth arrested by forest department, villagers accused of registering false cases

नागपुर. गणेशपेठ पुलिस थाना अंतर्गत पेट्रोलिंग करते समय पुलिस पर हमला और गालीगलौच करने के मामले में वसीम मो. रियाज, मो. मोहसीन, मो. शाहबाज और मो. एजाज मो. रफिक के खिलाफ पुलिस की ओर से मामला दर्ज किया गया. जिसमें हाईकोर्ट की ओर से पहले अंतरिम जमानत तो प्रदान की गई, लेकिन पुन: आरोपियों की ओर से स्थायी जमानत की अर्जी दायर की. जिस पर सुनवाई के बाद पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों में कहीं भी आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजने की आवश्यकता दिखाई नहीं देने का हवाला देते हुए न्यायाधीश मोडक ने शर्तों के आधार पर स्थायी जमानत पर मुहर लगा दी. याचिकाकर्ता आरोपी मो. वसीम की ओर से अधि. आर.एच. रावलानी और सरकार की ओर से सहायक सरकारी वकील कोल्हे ने पैरवी की.

6 माह तक नहीं छोड़ सकेंगे जिला
अर्जी का निपटारा करते हुए अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि मो. वसीम मो. रियाज न केवल 6 माह तक जिले के बाहर नहीं जा सकेंगे बल्की 6 माह तक हर माह के पहले रविवार को गणेशपेठ पुलिस में हाजिरी भी लगाना होगा. अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 मार्च को गणेशपेठ थाना के कुछ पुलिस कर्मचारी पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान गांधीगेट के पास जोहरीपुरा, बाम्बे बेकरी के पास कुछ लोगों के जुआ खेलने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच गए. पुलिस को देखते ही वसीम और उसके दोनों भाई पडोस के कुएं से उठकर घर की तीसरी मंजिल पर भाग गए. पुलिस ने तीनों को नीचे आने की चेतावनी दी. नीचे नहीं आने पर पुलिस उपर चली गई. जहां चाचा इजाज से पुलिस का जमकर विवाद हो गया. 

देख लेने की दी धमकी
चाचा के साथ चल रहे विवाद के बीच ही वसीम और उसके दोनों भाई भी पहुंच गए. साथ ही पडोसी भी जमा हो गए. गोलीगलौच करते हुए पुलिस को देख लेने की धमकी भी दी. लोगों की भीड जमा होने के कारण ही जुआ खेलनेवालों पर कार्रवाई नहीं होने का खुलासा पुलिस की ओर से किया गया. इस संदर्भ में आरोपियों की ओर से दलिल रख रहे अधि. रमेश रावलानी और  अधि. अतुल रावलानी ने अदालत से कहा कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है. वसीम पर पुराने जुआ खेलने के मामलें के आधार पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है. दोनों पक्षों की दलिलों को सुनने के बाद अदालत ने उक्त आदेश जारी किया.