Ramdas Aathawale

  • केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दी जानकारी

नागपुर. केन्द्र सरकार के स्कालरशिप योजना पर कोरोना के कारण प्रतिकूल प्रभाव हुआ है. ऐसी परिस्थिति में कार्य पूर्ववत् करने और निर्वाह भत्ता व स्कालरशिप बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. यह जानकारी सामाजिक न्याय व सक्षमीकरण विभाग के केन्द्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने प्रेस परिषद में दी. उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने केन्द्र को प्रस्ताव सादर किया है.

आठवले नागपुर दौरे पर थे. डॉ. बाबासाहब आंबेडकर सामाजिक न्याय भवन में उन्होंने प्रादेशिक उपायुक्त समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ली. बैठक में प्रादेशिक उपायुक्त डॉ. सिद्धार्थ गायकवाड, सहायक आयुक्त बाबासाहब देशमुख व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में बाद उन्होंने बताया कि बीते मार्च महीने से देश में कोरोना संकट काल में स्कूल- कालेज बंद थे जिसके चलते आवश्यक पंजीयन, छात्रों की उपस्थिति के संदर्भ में कागजात तैयार करने में समस्या हुई है. इस संदर्भ में विभाग प्रयास कर रहा है.

10 वर्ष ने वृद्धि नहीं

आठवले ने कहा कि स्कालरशिप, शिक्षण शुल्क, परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना सहित निर्वाह भत्ता बढ़ोतरी का मुद्दा महत्वपूर्ण है. बीते 10 वर्ष से यह नहीं बढ़ाया गया है. उन्होंने इसे बढ़ाने के लिए केन्द्र में प्रस्ताव सादर किया है. उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग की प्रत्येक योजना जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. साथ ही योजनाओं के प्रभावी अमल के लिए दिशानिर्देश दिए हैं. उन्होंने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, सफाई कर्मचारियों के बच्चों के शैक्षणिक स्कालरशिप सहायक अनुदान योजना की अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली. 

66,112 को शिष्यवृत्ति

उन्होंने बताया कि नागपुर संभाग में 10वीं पास करने वाले विद्यार्थी को भारत सरकार शिष्यवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 के लिए 90,345 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें से 66,112 विद्यार्थिोयों को शिष्यवृत्ति का पहला हफ्ता देने की तैयारी कर ली गई है. इसी तरह अंतरजातीय विवाह करने वालों को प्रोत्साहन योजना के तहत लगभग 7.76 करोड़ रूपयों की मांग प्रलंबित होने की जानकारी उन्होंने दी. अनुसूचित जाति प्रवर्ग के विद्यार्थियों को मैट्रिक पूर्व शिष्यवृत्ति योजना के लिए वर्ष 2019-20 के लिए 1.65 करोड़ रूपए का प्रावधान अपेक्षित है.