IAS Training Center, Nagpur

  • नियमित नियुक्ति से विकास को मिलेगी गति
  • 06 राज्यभर में सेंटर
  • 120 को मिलता है प्रवेश
  • 4,000 विद्या वेतन भी

नागपुर. युवाओं की प्रशासनिक सेवा परीक्षा में हिस्सेदारी बढ़ाने और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 6 शहरों में प्री-आईएएस ट्रेनिंग सेंटर शुरू किये गये, लेकिन दुर्भाग्य यह रहा है कि सेंटर में नियमित संचालक पद की नियुक्ति की ओर से गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. स्थिति यह है कि वर्तमान में अमरावती को छोड़कर शेष पांचों सेंटर की जिम्मेदारी प्रभारियों को सौंपी गई है.

प्री-आईएएस कोचिंग ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से छात्रों को प्रशासकीय सेवा में जाने का अवसर मिल रहा है. प्रवेश लेने के बाद युवाओं को योग्य मार्गदर्शन मिलता है. परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त किताबें और नोट्स भी मिलते हैं. सरकार ने सेंटर में प्रवेश लेने वाले युवाओं के लिए होस्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई है. साथ ही इन युवाओं को 4,000 रुपये विद्या वेतन भी मिलता है.

जो छात्र दिल्ली, पुणे जैसे बड़ों शहरों में रहकर पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर पाते, उनके लिए सेंटर वरदान बना है. लेकिन सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा सरकार द्वारा केंद्रों के विकास की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है. संचालक का पद एमपीएससी के माध्यम से भरा जाता है. यही वजह है कि नियमित संचालक नहीं मिल रहे हैं. नियमित संचालक पद होने से विकास संबंधी योजनाओं के कार्यान्वयन को बल मिलता है. साथ ही युवाओं के लिए विविध तरह के उपक्रम भी शुरू किये जा सकते हैं.

कोविड की वजह से प्रवेश नहीं

नागपुर के अलाव अमरावती, कोल्हापुर, मुंबई, नासिक और औरंगाबाद में सेंटर चलाए जा रहे हैं. नागपुर सेंटर में 120 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है. यह प्रवेश प्री-एक्जाम की तैयारी के लिए होता है. प्री में उत्तीर्ण होने वाले मेन्स में जाते हैं. उनके लिए भी सीटें आरक्षित रहती है. सिटी के सेंटर में मेन्स के लिए चयनित 31 युवाओं को प्रवेश दिया गया. जबकि 120 में से 46 का चयन हुआ था. अब सरकार ने इन युवाओं के लिए दिल्ली की तरह टेस्ट सीरिज की सुविधा भी उपलब्ध कराई है. कोरोना की वजह से पिछले सत्र में प्रवेश नहीं हो सके. लेकिन अब नये सत्र के लिए प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ हो गई है. 

सेंट्रलाइज्ड प्रवेश परीक्षा होगी

कोरोना संकट की वजह से प्रत्यक्ष परीक्षा लेकर प्रवेश प्रक्रिया कराना मुश्किल है. यही वजह है कि इस बार सीईटी की तरह राज्यभर के सेंटर के लिए सामयिक प्रवेश परीक्षा की तैयारी की जा रही है. परीक्षा ऑनलाइन पद्धित से ली जाएगी. ताकि राज्य के किसी भी हिस्से में बैठकर युवा परीक्षा दे सके. नागपुर सेंटर ने अब तक देश को कई आईएएस दिये हैं. यही वजह है कि प्रवेश के लिए युवाओं की कतार लगती हैं. स्टडी मटैरियल भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होने से युवाओं को परीक्षा की तैयारी में लाभ भी मिल रहा है.