liquor seized
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  • 695 बोतलें समेत 59 हजार का माल जब्त

नागपुर. रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 10 दिनों के भीतर तीसरी बार गोरखपुर एक्सप्रेस में छापेमार कार्रवाई करते हुए अवैध विदेशी शराब पकड़ी गई. इस बार आरपीएफ को 695 बोतलें शराब मिली जिसकी कुल कीमत 59,075 रुपए आंकी गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरपीएफ थाना टीम को गुप्त सूचना मिली कि ट्रेन 02511 के एस-2 कोच में बड़ी मात्रा में विदेशी शराब भेजी जा रही है. ट्रेन करीब 03.30 बजे पहुंची.

पहले से तैयार एपीआई सचिन दलाल, एएसआई सीताराम जाट, कामसिंह ठाकुर, राजेश खोब्रागडे, शीतल नगर आदि ने कोच की तलाशी शुरू की तो सूचना सही साबित हुई. कोच में मिले लावारिस बैग में बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें मिली. जांच करने पर इनकी कुल संख्या 695 रही. तुरंत ही सारा माल जब्त कर लिया गया. उक्त कार्रवाई वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पांडेय और पीआई आरएल मीना के मार्गदर्शन में पूरी की गई.

फिर वही कहानी

उल्लेखनीय है कि पिछले 10 दिनों में आरपीएफ ने तीसरी बार गोरखपुर एक्सप्रेस में तड़के कार्रवाई करते हुए शराब पकड़ी है. खास बात है कि बार-बार पकड़े जाने के बावजूद भी तस्कर इसी ट्रेन का उपयोग कर रहे हैं और हर बार पहले के मुकाबले अधिक माल ही जब्त किया जा रहा है. निश्चित तौर पर आरपीएफ द्वारा शराब तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई काबिले तारीफ है लेकिन इसके अलावा अन्य ट्रेनों की भी जांच इतनी ही सघनता से होनी चाहिए. आखिर आरपीएफ का सूत्र केवल गोरखपुर एक्सप्रेस की ही सूचना क्यों और कैसे दे रहा? दूसरी तरफ, तस्करों द्वारा शराब की खेप के लिए इसी ट्रेन को बार-बार चुना जाना गले से नहीं उतर रहा.

कहीं बरगलाने का तरीका तो नहीं…

शाहरुख खान की फिल्म रईस में बड़ी मात्रा में शराब तस्करी का एक रास्ता बताया गया है. इसमें शाहरुख कई ट्रकों में से कुछ को पुलिस के सुपूर्द कर देता हैं और बाकी रवाना कर दिये जाते हैं. उधर, पुलिस पकड़े गये ट्रक पर अपनी पीठ थपथपाती है तो दूसरी ओर शाहरुख खान धड़ल्ले से बड़ी मात्रा में शराब तस्करी जारी रखता है. इससे पहले भी मध्य रेल नागपुर मंडल में यह तरीका अपनाया जा चुका है. ट्रेनों की सीमित संख्या के बाद भी लगातार एक ही ट्रेन में और पहले से अधिक मात्रा में शराब जब्ती से लगता है कि यह तरीका अब भी बदला नहीं है. 

क्या कर रही CIB

इन सबके बीच आरपीएफ नागपुर की सीआईबी की चुप्पी समझ से परे हैं. ई-टिकटों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करने वाली सीआईबी को इस ओर भी ध्यान देना होगा. 3 राज्यों की सीमा से जुड़े नागपुर मंडल में कई अवैध धंधे पूरे जोर-शोर से चलते हैं. हालांकि अभी सीआईबी में अधिकांश अधिकारी और आरपीएफ जवान नई पोस्टिंग हैं. ऐसे में उन्हें खुफिया और जासूसी नेटवर्क फैलाने में परेशानी हो सकती है लेकिन रेलवे में हो रहे अपराधों को लेकर इस बारे में कोई कोताही नहीं बरती जा सकती.