Tigress's body found in Karandla, tiger Death

नागपुर. उमरेड पवनी करांडला अभयारण्य में बाघिन का शव मिल जाने से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. रविवार की सुबह वन रक्षक पेट्रोलिंग कर रहे थे. इस दौरान करांडला गांव से महज 3 किलोमीटर जंगल के अंदर बिट क्रमांक 1452/1 उन्हें एक बाघिन का लाश मृत अवस्था में दिखाई दी. वन रक्षकों ने इसकी जानकारी तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारी को दी. बोर अभायरण्य के डीएफओ राहुल गवई क्षेत्रीय दौरे पर थे. सूचना मिलते ही वह अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. टीम ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशानिर्देशानुसार घटना स्थल की बारिकी से जांच की. बाघिन की उम्र 3 से 4 वर्ष के बिच की बताई जा रही है. पोस्टमार्टम में पता चला कि बाघिन 6 से 7 सप्ताह की गर्भवती थी.

दूसरे बाघ ने किया शिकार

घटनास्थल की पचंनामा कार्रवाई कर बाघिन को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. रिपोर्ट में सामने आया कि उसकी मौक किसी अन्य बाघ ने की है. बाघिन के गले पर बाघ के दातों के निशान दिखाई दिये. क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए दोनों के बिच लडाई हुई, इसमें बाघिन की मृत्यु हो गई. जांच के दौरान वहां स्थित एक नाले से लेकर घटनास्थल तक खुन और दूसरे बाघ के पद चिन्ह भी दिखाई दिये. बाघिन को मारने के बाघ उसके शव 50 मीटर की दूरी तक घसीटते हुए ले गया. वहां उसने बाघिन का दाहिना पिछला हिस्सा, पेट का आधा मास खाया और चले गया. अफसोस की बात यह है कि इस घटना में बाघिन के पेट में मौजूद 4 शिशूओं की भी मृत्यु हो गई. 

इसी वर्ष यहां आई थी बाघिन

बताया जा रहा है कि इस वर्ष हुई फेस क्रमांक 4 की वन्यजीव गनना में बाघिन को इस वन परिक्षेत्र में प्रवेश करते हुए दिखा गया था. बाघिन का शिकार करने वाले बाघ की तलाश जारी है. वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जंगल में लगे सभी कैमरा ट्रैप के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है. फुटेज देखने के बाद पता चल पाएगा की आखिर बाघिन का शिकार किस बाघ ने किया है. पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय संचालक रविकिरण गोवेकर, बोर अभयारण्य के डीएफओ गवई, एनटीसीए के प्रतिनिधि संजय कारकरे व डॉ. वसंत कहलकर की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम पशुवैद्यकीय अधिकारी डॉ. चेतन पातोंड, डॉ. सैयद बिलाल और डॉ. एलए खान ने किया. पोस्टमार्टम के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार कर दिया गया.