Tukaram Mundhe

नागपुर. तात्कालीन मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे के तबादले के बाद उन्हें विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक उनके सिविल लाइन्स स्थित निवास स्थान के सामने सुबह 8 बजे से ही जुट गए. देखते ही देखते बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ ही अनेक संगठनों के कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ गई.

सभी मुंढे के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे. वी वान्ट मुंढे के नारों के साथ ही महापौर, पालकमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जाती रही. सभी का कहना था कि कोरोना महामारी के संकट से निपटने के लिए मुंढे जैसा ही अधिकारी सिटी को चाहिए लेकिन उन्हें राजनीति का शिकार बनाया गया. 7 महीनों में ही तबादला कर दिया गया जिसके कारण ही सिटी की हालत बिगड़ गई है.

करना पड़ा लाठी चार्ज
भीड़ इतनी अधिक हो गई थी कि जब मुंढे अपनी गाड़ी में बाहर निकले तो उनकी गाड़ी को घेर लिया गया. गाड़ी में फूलों की वर्षा की गई. कुछ अतिउत्साही तो उनकी गाड़ी के सामने ही लेट गए. उन्होंने विनम्रता के साथ लोगों से अपील की कि वे भीड़ ना करें और यहां से जाएं. नागरिकों को उनके प्यार व सहयोग के लिए आभार भी माना. जब उनकी गाड़ी चलने के लिए राह नहीं दी गई तो पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करने को मजबूर होना पड़ा. सिटी में संभवत: पहली बार ऐसा नजारा था कि किसी अधिकारी के तबादले पर लोगों ने नाराजी जताई. मुंढे की गाड़ी के साथ-साथ भीड़ देशपांडे सभागृह तक गई. पुलिस को इस रोड को वन-वे करने को मजबूर होना पड़ा.

सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
जिस अधिकारी ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग की बार-बार अपील की उन्हीं की विदाई में लोगों ने उनकी सीख का पालन नहीं किया. सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं और पुलिस भी कुछ नहीं कर पायी.