CEOs Kumbhejkar gave instructions to make list

  • दूसरी जगह पर हो गया मंजूरित कार्य

नागपुर. जिला परिषद के विविध विभागों की कार्यप्रणाली पहले ही बदनाम है. अब एक ऐसा मामला उजागर हुआ है जिसमें विकास कार्य किसी जगह का मंजूर हुआ लेकिन वह कार्य किसी दूसरी जगह पर कर दिया गया. स्थानी समिति की बैठक में जब यह मुद्दा उठा तो अध्यक्ष रश्मि बर्वे ने मामले की जांच के लिए तत्काल समिति गठित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया. समिति के सदस्य नाना कंभाले ने बैठक में मुद्दा उठाया कि क वर्ग तीर्थ क्षेत्र के अंतर्गत बल्या की पहाड़ी तहसील मौदा में गलत जगह पर वह दूसरे ही ग्राम पंचायत में मंजूरित विकास कार्य कर दिया गया है. इतनी बड़ी गलती हुई, की गई या फिर हेराफेरी की गई इसकी जांच का आदेश अध्यक्ष ने दिया है. बैठक में सभी समिति सभापति, सदस्य, सभी विभाग प्रमुख व अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्शन

जिले के कई आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्शन नहीं होने का मुद्दा ज्योति राऊत ने उठाया. उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की निधि से ग्राम पंचायत को विद्युत कनेक्शन के लिए प्रस्ताव के संदर्भ में निर्देश दिए जाएं. अध्यक्ष ने ग्रामीण भागों में जिन आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्शन नहीं है ऐसे आंगनवाड़ियों में कनेक्शन देने के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रस्ताव मंगाने का निर्देश दिया. ग्राम पंचायत रायपुर में युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और व्यापार को गति देने के लिए दिनेश बंग ने व्यापार संकुल के लिए जिप से निधि की मांग की. इस पर अध्यक्ष ने जिला नियोजन समिति से इसके लिए निधि की मांग का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया. 

लौटते मानसून से फसलों को नुकसान

लौटते मानसून ने एक बार फिर जिले में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. धान, संतरा, सोयाबीन, कपास की जो फसलें बची हुई थीं, उसे भारी नुकसान हुआ है. अध्यक्ष ने नुकसान का सर्वे तत्काल करने का निर्देश तहसीलदार, पटवारी, कृषि अधिकारी, ग्रापं सचिव को दिया है. इसके साथ ही बैठक में नुकसान भरपायी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया. उपाध्यक्ष तापेश्वर वैद्य ने कहा कि गोसीखुर्द में पानी रोकने के कारण कन्हान नदी में पानी जमा होता है. पेंच का पानी नदी में छोड़ने से गांवों में व खेतों में पानी घुसता है और भारी तबाही मचती है. ऐसे कोटगांव, नांदगांव, मोहखेड़ी, माथनी, सुकली, सिंगोरी गांवों का पुनर्वसन गोसीखुर्द पुनर्वसन एक्ट के अनुसार होना चाहिए. अध्यक्ष ने इस संदर्भ में सरकार को पत्र भेजने का निर्देश संबंधित अधिकारी को दिया.