किसानों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल से मिली छात्रा

केंद्र से मदद की लगाई गुहार

साक्री. तहसील के ग्राम विटाई की युवती ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर किसानों की समस्याओं पर ज्ञापन दिया और उन्हें सुलझाने  की मांग की. शिवसेना के पूर्व तालुका प्रमुख विशाल देसले उसके साथ थे. इस मुलाकात के दौरान राज्यपाल को लकड़ी से बनी बैलगाड़ी की प्रतिकृति भेंट की.

तहसील के काटवान स्थित ग्राम विटाई की कालेज छात्रा प्रियंका जोशी ने हाल ही में किसानों की समस्याओं का ज्ञापन व्यक्तिगत रूप से देने हेतु राज्यपाल से मिली. किसानों का पूरा कर्जा केंद्र सरकार माफ करे, प्याज पर लगी निर्यात बंदी हटाई जाए और मुर्गी पालन हेतु केंद्र द्वारा दी जाने वाली मदद फिर से शुरू करने की मांग ज्ञापन में लिखी है. प्रियंका शिवसेना के मंच से कई बार पार्टी की नीतियों का समर्थन करते हुए समय-समय पर ग्रामीणों के सामने संबोधन कर चुकी है. उसके अभिभावक भी पार्टी से जुड़े हुए हैं.

प्रियंका ने रखी किसानों की बात

ज्ञापन में प्रियंका ने किसानों की समस्याओं का लेखा-जोखा पेश किया है. सूबे के किसान किस कदर प्राकृतिक आपदाओं से संकट में हैं, इसका जिक्र  किया है. देश में घरेलू सकल उत्पाद में किसान का योगदान ही सबसे ज्यादा है. कोरोना काल में भी किसान अपने खेतों में जुटा रहा. किसान ही देश को खड़ा कर सकता है और आगे भी ले जा सकता है. लेकिन पहले किसान को खड़ा करना होगा. किसान कर्जे में डूबा हुआ है. प्राकृतिक आपदाओं और नुकसान से टूट चुका है. इसी के चलते किसानों की आत्महत्याएं हो रही हैं.

मुर्गी पालन में दी जाने वाली सब्सिडी फिर हो शुरू

राज्य सरकार ने 2 लाख तक कर्ज माफ किया है. जरूरत है केंद्र उसका पूरा कर्ज माफ करे. कुछ वर्ष पहले मुर्गी पालन पर सरकार की ओर से मदद (सब्सिडी) दी जाती थी. वर्तमान में किन्हीं कारणों से बंद है. राज्य में किसानों ने खेती के साथ मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाया है. कुछ युवकों ने निवेश भी किया है. लेकिन सब्सिडी के बंद होने से ये सभी हताशा में हैं. नाबार्ड संगठन द्वारा  एक योजना चलाई जाती है, जिसके द्वारा मदद मिल सकती है. किंतु  राष्ट्रीयकृत बैंक का ही सदस्य हो, 3 हफ्ते नियमित हो और मदद की रकम सीधे कर्ज भुगतान में जमा होती है जैसे जुल्मी प्रावधान है, जिसमें संशोधन जरूरी है. राज्यपाल कोश्यारी ने केंद्र को किसानों की उक्त समस्याओं  से अवगत कराने का आश्वासन दिया.