सरकार की विफलता से ध्यान हटाने उठा TRP मुद्दा

  • भाजपा मीडिया प्रमुख विश्वास पाठक ने की टिप्पणी

नाशिक. उन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जो दर्शकों को बढ़ाने के लिए दुर्व्यवहार कर रहे हैं. लेकिन इन चैनलों के तहत भाजपा की आलोचना कर रहे कांग्रेस के प्रवक्ता अपनी भविष्य की हार के लिए बहाने ढूंढ रहे होंगे. भाजपा के मीडिया विभाग के प्रमुख विश्वास पाठक ने कहा कि इस कदम का इस्तेमाल सभी स्तरों पर महाविकास सरकार की विफलता को कवर करने के लिए किया जा रहा है.

पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले 5 से 6 वर्षों में ईवीएम और चुनाव आयोग पर अपनी हार का ठीकरा फोड़ा. लोगों ने उन्हें खुले तौर पर स्वीकार करने के बजाय अस्वीकार किया. कांग्रेस नेतृत्व ने वोटिंग मशीनों और चुनाव आयोग को दोषी ठहराया. अतीत में हार के बाद वोटिंग मशीनों, चुनाव आयोग आदि को भुला दिया गया था. अब चुनावों से पहले एक बहाना खोजने का समय है. अब, कुछ मीडिया पर कार्रवाई के बहाने भाजपा को निशाना बनाने की कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश शुरू हो गई है. 2019 के चुनावों ने साबित कर दिया है कि मतदाता मोदी सरकार के खिलाफ इस तरह के दुष्प्रचार का समर्थन नहीं करते हैं. राफेल विमानों के कथित दुरुपयोग के लिए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खिंचाई की है. हालांकि, कांग्रेस यह भूल गई है कि मतदाताओं ने 2014 की तुलना में अधिक सीटों के साथ कांग्रेस को थप्पड़ मारा था. 

भाजपा को दोष देने के बजाय आत्मनिरीक्षण करे कांग्रेस

देश में किसी भी घटना के लिए भाजपा को दोष देने के बजाय, कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि मतदाता बार-बार इसे अस्वीकार क्यों करते हैं. यह संदेह है कि इस कार्रवाई का इस्तेमाल राज्य में महाविकास गठबंधन की विफलताओं को कवर करने के लिए किया जा रहा है. 

ऐसी कुप्रथाओं का समर्थन नहीं करती भाजपा

अन्यथा, मुंबई पुलिस आयुक्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने और दुनिया के सामने अपने प्रदर्शन से अवगत कराने के लिए कहने का कोई कारण नहीं था. यदि कोई चैनल अपने दर्शकों को गुमराह और भड़का रहा है, तो उन चैनलों पर कार्रवाई करना जरूरी है. भाजपा ऐसी कुप्रथाओं का कभी समर्थन नहीं करेगी. हालांकि, यदि राजनीतिक बदले की भावना से किसी चैनल को निशाना बनाया जा रहा है, तो भाजपा इसका कड़ा विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दलों के लिए समस्या होगी, तो एक या अन्य कारणों से टेलीविजन चैनल क्रॉसहियरिंग में फंस जाते हैं, यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने वाला होगा.