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मध्यप्रदेश में एक बाघ पर आरोप है कि उसने 3 लोगों की जान ले ली।इसके बाद अधिकारियों ने इस बाघ को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, मध्यप्रदेश में एक बाघ पर आरोप है कि उसने 3 लोगों की जान ले ली।इसके बाद अधिकारियों ने इस बाघ को उम्र कैद की सजा सुनाई है।आपका इस बारे में क्या विचार है?’’ हमने कहा, ‘‘बाघ को चाहिए कि वह इस सजा को किसी कोर्ट में चुनौती दे।इसके लिए वह चाहे तो कोई अच्छा सा वकील खड़ा कर सकता है।वह उन गवाहों को भी पेश करने की मांग कर सकता है, जिन्होंने उसे 3 लोगों की जान लेते हुए प्रत्यक्ष रूप से देखा था।अपनी न्यायप्रणाली में लोअर कोर्ट, सेशन कोर्ट, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, रिव्यू पिटीशन, दया याचिका का व्यापक प्रावधान है।बाघ को अपनी सजा टालने के लिए इन सारे विकल्पों का सहारा लेना चाहिए.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, आपने जो कानूनी प्रावधान बताए, वे मनुष्यों के लिए हैं, किसी हिंसक जंगली जानवर के लिए नहीं।चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन एस के मंडल ने कहा कि हमने बाघ को कई मौके दिए कि वह अपनी आदत सुधारने से क्या मतलब।बाघ से यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह मांस छोड़कर घास खाने लगे।उसे जंगल में पर्याप्त हिरन मिलते तो उन्हीं का शिकार करता और आदमखोर नहीं बनता।बाघ खुद जंगल का राजा है, उसे कोई कैसे सजा दे सकता है?’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज बाघ को बाकायदा सजा सुना दी गई है।अब  उसे आजाद घूमने की बिल्कुल इजाजत नहीं है।ऐसे आवारा और खानाबदोश बाघ को अकेले केंद्र में रखा जाएगा।उसका रिकार्ड अच्छा नहीं है।उसे टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान के बीच रखा जाता था लेकिन वह बार-बार इंसानों के बीच पहुंच जाता था।यह बाघ मवेशियों पर हमला करता था और इंसानों की जान भी खतरे में डालता था।एक बार हले भी उसे 2 माह कैद में रखा जा चुका है.’’ हमने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि रोज 40-50 किलोमीटर तक शान से घूमने वाले वनराज बाघ को अब पिंजरे में कैद कर दिया जाएगा।जिस तरह लॉकडाउन में लोगों को अपने घरों के भीतर रहना पड़ गया वैसे ही बाघ को भी सोशल डिस्टेंसिंग की आदत डालनी पड़ेगी।वह पिंजरे के भीतर बेचैनी से चक्कर लगाएगा और अपनी करनी पर पछताएगा.’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज एक बार बाघ में मुंह में इंसान का खून लग जाएतो वह आदमखोर बन जाता है।वह चौपाए को छोड़कर मानवों को अपना शिकार बनाने लगता है इसलिए चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन का यह फैसला बिल्कुल उचित है।बाघ को मारना मना है, इसलिए उम्र कैद ही सही!’’