सिद्धू के रंग में रंगने लगी कांग्रेस, अमरिंदर हो चले अकेले, अब क्या करेंगे कैप्टन

    अमृतसर: पंजाब कांग्रेस का प्रमुख बनने के बाद आज नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा शक्ति परीक्षण किया। सिद्धू ने सभी कांग्रेस विधायकों को अपने अमृतसर वाले निवास पर नाश्ते के लिए बुलाया। जिसमें करीब 62 विधायक सिद्धू के यहां पहुंचे। इसके बाद सभी विधायकों के साथ वह स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने पहुंचे। एक ओर जहां कांग्रेस सिद्धू के रंग में रंगने लगी है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अकेले होते जा रहे हैं। 

    2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी। जिसमें सबसे बड़ा हिंसा मालवा और माझा इलाके के हैं। पिछले चुनाव में मालवा की 69 सीटों मेसे 40 पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं माझा की 25 मे से 22 सीट पर पंजा मारा था। पिछले दिनों जब सिद्धू को अध्यक्ष बनने की चर्चा शुरू हुई थी तो उस समय कैप्टन के समर्थन में करीब 50 से ज्यादा विधायक उनके साथ खड़े थे। 

    कैप्टन खेमे के मंत्री सिद्धू के द्वार 

    सिद्धू की बुलाई इस बैठक में करीब 60 से ज्यादा विधायक पहुंचे थे। जिसमें अमरिंदर सरकार के चार कैबिनेट मंत्री भी शामिल हुए। जिसमें सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुख सरकारिया और चरणजीत सिंह चन्नी शामिल रहें। इसी के साथ सिद्धू के अध्यक्ष बनाए जाने पर मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे विधायक राजकुमार वेरका भी इस बैठक में शामिल हुए। 

    अमरिंदर के समर्थक हुए कम 

    अमरिंदर सिंह पंजाब में दोबारा खड़े करने वाले नेता हैं। 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने उनकी अगुआई में 77 सेटों पर जीत कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। लेकिन आज के समय में वह अकेले पड़ते जा रहे हैं। उनके समर्थक विधायक भी सिद्धू के खेमे की ओर चल पड़े हैं। जिसमें सबसे बड़ा नाम कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा हैं। एक समय कैप्टन के प्रमुख विश्वासपात्र रहे रंधावा आज नवजोत सिंह सिद्धू के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। 

    कैप्टन आसानी से छोड़ने को तैयार नहीं 

    कैप्टन के न चाहते हुए भी कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी है। जिसके बाद से ही वह मीडिया से पूरी तरह दूर हो गए हैं। पहले जहां हर मुद्दे पर बोलने वाले कैप्टन अब उनके प्रवक्ता बोल रहे हैं। वहीं पिछले दिनों ख़बर आई की सिद्धू ने अमरिंदर से मुलाकात करने के लिए समय मांगा है। जिस पर मुख्यमंत्री के सलाहकार ने ऐसी खबरों को खारीज करते हुए कहा कि, जब तक सिद्धू सार्वजनिक तौर पर सोशल मीडिया पर किये आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर माफ़ी नहीं मांगेगे तब तक सिद्धू से मुलाकात नहीं होगी।”