Murder : Firing on a young man who arrived to resolve the ongoing dispute between sister and brother-in-law
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    मालदा: मालदा हत्याकांड के आरोपी आसिफ मोहम्मद ने फोटो खिंचवाने के लिए अपने परिवार के सदस्यों को घर के तहखाने में चलने को कहा और वहां उसने लकड़ी के ढांचे में पानी में डूबो कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को इस बारे में बताया। पश्चिम बंगाल पुलिस को आशंका है कि कालियाचक के गुरुटोला गांव में इस हत्याकांड के पीछे संपत्ति संबंधी विवाद मुख्य कारण हो सकता है, लेकिन कहा कि यह निष्कर्ष नहीं है क्योंकि जांच अब भी जारी है।

    मालदा ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनीश सरकार ने बताया कि आसिफ के दोस्त सबीर अली (19) और मोहम्मद मारुफ (21) को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पांच पिस्तौल, 80 कारतूस और 10 मैगजीन बरामद की गयी। हत्या के आरोपी ने एक सप्ताह पहले ये हथियार उन्हें सौंपे थे। सरकार ने बताया, ‘‘हालांकि हत्याकांड में 19 वर्षीय आसिफ एकमात्र आरोपी है। हथियारों और हत्या के बीच कोई जुड़ाव नहीं मिला है। हम पता लगा रहे हैं कि कहां से उसने ये पिस्तौल और कारतूस जुटाए थे।”

    हत्या के आरोपी के बड़े भाई आरिफ मोहम्मद की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार को गुरुटोला गांव में एक मकान के कमरे के भीतर से चार शव खुदाई कर निकाले और आसिफ को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच से पता चला कि 28 फरवरी को आसिफ ने अपने पिता जावेद अली (50), मां इरा बीबी (45), बहन आरिफा खातून (17) और दादी अलेकजान बीबी (75) को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर दीं, जिसे पीने के बाद सभी बेहोश हो गए।

    अधिकारी ने कहा, ‘‘फोटो खिंचवाने के बहाने आसिफ उन सबको घर के भीतर बने तहखाने में ले गया और लकड़ी के ढांचे के भीतर उन्हें जाने को कहा। इस के बाद उसने सबके मुंह पर टेप लगा दिया और हाथों को बांध दिया और इसके बाद उस ढांचे में पानी भर दिया। इसके बाद शवों को एक कमरे के फर्श में दफना दिया।”

    उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी ने अपने पिता से काफी रुपये लिए थे और पूरी संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए कह रहा था। पहली नजर में ऐसा लगता है कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद एक कारण हो सकता है, लेकिन यह निष्कर्ष नहीं है क्योंकि जांच जारी है। उसके पास से दो लाख रुपये भी जब्त किए गए हैं।”

    आसिफ का बड़ा भाई आरिफ किसी तरह वहां से भाग निकला और चार महीने तक अपने ठिकाने बदलता रहा और शुक्रवार रात पुलिस को घटना की सूचना दी। घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं और मामले की समग्र जांच की जा रही है। सरकार ने कहा, ‘‘हमने आरिफ से पूछताछ की लेकिन कुछ भी संदेहास्पद नहीं मिला।

    आसिफ ने अपने भाई की भी हत्या करने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह वहां से भाग निकला था। आरोपी लगातार अपने बड़े भाई को धमका रहा था, जिस कारण से चार महीने तक उसने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। आखिरकार उसने हिम्मत जुटाई और पुलिस से संपर्क किया।” आसिफ पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और हथियार कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसके दो दोस्तों पर शस्त्र कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।(एजेंसी)