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  • 1 लाख नकद, 5 शराब की बोतलें, 5 बकरों की दी थी सजा

पुणे. जाति पंचायत द्वारा दी जाने वाली हैरतअंगेज सजा और दंड के मामलों की कड़ी में पुरोगामी पुणे में हाल ही में नया मामला सामने आया था. इसमें जमीन से जुड़े एक विवादित मामले में एक महिला को उसके परिवार के साथ एक साल के लिए समाज से बाहर कर दिया गया था। यही नहीं इस परिवार को एक लाख नकद, 5 शराब की बोतलें, 5 बकरों की सजा भी सुनाई गई थी। इस बारे में पुणे ग्रामीण पुलिस ने 7 पंचों को गिरफ्तार कर लिया है।

धनकवडी में रहते वाली महिला ने दर्ज कराई थी शिकायत

रूढ़िवादी परंपरा और अंधश्रद्धा की आड़ में पुरोगामी पुणे शहर में यह मामला सामने आया। इस बारे में भारती विद्यापीठ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच को पुणे ग्रामीण पुलिस के सासवड पुलिस थाने में के द्वारा किया गया। सासवड पुलिस ने उक्त पंचायत बिठाने वाले 7 पंचों को शनिवार की रात गिरफ्तार कर लिया है। उनमें सुरेश रतन बिनावत (65), नंदू अत्राम राजपतू (55), संपत पन्नालाल बिनावत (56), मुन्ना रमेश कचरवत (57), आनंद रामचंद्र बिनावत (50), देवीदास राजू चव्हाण (52), देवानंद राजू कुंभार (51) का समावेश है। इस बारे में पुणे के धनकवडी इलाके में रहनेवाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी।

संपत्ति का निपटारा करने को लेकर तकाजा कर रहा था आरोपी

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला अपने परिवार के साथ धनकवडी में रहती है। उसकी मां भी उसी परिसर में रहती है। पिता की मौत के बाद दो माह से सुरेश बिनावत नामक आरोपी उसकी मां को फोन पर जाति पंचायत में उनकी संपत्ति का निपटारा करने को लेकर तकाजा कर रहा था। मगर शिकायतकर्ता ने इसका विरोध किया, जिससे नाराज होकर सुरेश ने महिला और उसकी मां से गाली गलौज की। इसकी वजह से उनकी मां गश खाकर गिर गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने समाज के ग्रुप पर एक वॉइस मैसेज भेजकर उसकी मां को परेशान न करने की गुजारिश की। इससे गुस्साए सुरेश ने जाति पंचायत की बैठक बुलाई और शिकायतकर्ता और उसकी बहनों से माफी मांगने को कहा। महिला ने भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामला सासवड़ पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया। सासवड़ पुलिस ने सातों पंचों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की छानबीन जारी है।