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    सांगली. मिरज के एपेक्स अस्पताल (Apex Hospital) के मुख्य डॉक्टर को पिछले एक महीने में 87 कोरोना मरीजों (Corona Patients) की मौत (Death) के आरोप में गिरफ्तार (Arrested) किया गया है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संबंधित अस्पताल को कोविड सेंटर की अनुमति दी गई थी। हालांकि, पिछले एक महीने में इस अस्पताल की लापरवाही के कारण 87 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, मरीजों से अधिक बिल वसूलने के बारे में कई शिकायतें मिली हैं। इस मामले में एपेक्स अस्पताल के मुख्य चिकित्सक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    गिरफ्तार डॉक्टर का नाम महेश जाधव है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में जाधव के एपेक्स अस्पताल को कोविड सेंटर बनाने की इजाजत दी गई थी। हालांकि, यहां पर मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक सुविधाओं का भारी अभाव है। 

    मरीजों का इलाज ट्रेनी डॉक्टरों ने किया 

    यह भी सामने आया है कि यहां भर्ती मरीजों का इलाज ट्रेनी डॉक्टरों ने किया है। अस्पताल की लापरवाही ने पिछले एक महीने में 87 मरीजों की जान ले ली है। सांगली महानगरपालिका कमिश्नर नितिन कापडणीस ने शिकायतों की बढ़ती संख्या के बाद अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की थी। उसके बाद सांगली मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने महात्मा गांधी चौकी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सक महेश जाधव और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 

    मुख्य चिकित्सक को भी गिरफ्तार किया गया

    इस मामले में मुख्य चिकित्सक को भी गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, कोरोना के 205 मरीजों का इलाज अस्पतालों में चल रहा था, इसमें से 87 मरीजों की जान चली गई। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी दस्तावेजों में भी कई खामियां पाई गई हैं। एपेक्स अस्पताल में कोरोना के नियमानुसार कोरोना मरीजों का इलाज नहीं किया गया। यहां कोई अप-टू-डेट सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। साथ ही प्रशिक्षु चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था। इसके चलते कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। ये सारे मामले पुलिस की जांच में सामने आए हैं। पुलिस घटना की आगे की जांच कर रही है।