पुनर्वसन की मांग को लेकर बीड़ी श्रमिक सड़क पर उतरे

  • भारतीय बीड़ी मजदूर महासंघ ने किया आंदोलन

पुणे. पुणे शहर में 7 बीड़ी कारखानों में 7000 से अधिक मजदूर कार्यरत हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण पिछले 4 महीनों से बीड़ी उद्योग बंद होने से इन मजदूर की आर्थिक स्थिति काफी विकट हो गई है और इन सभी पर भूखों मरने की नौबत आ गई है. बेरोजगार हुए इन मजदूरों को काम मिले इस प्रमुख मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने साबले वाघीरे पुणे के ऑफिस के सामने आंदोलन किया.

बीड़ी श्रमिकों को रोजगार न मिलने से हालात गंभीर बनी हुई हैं. मजदूरों पर भूखों मरने की नौबत आ गई है. इसलिए तत्काल रूप से बीड़ी उद्योग चालू करें, अन्यथा संगठन की ओर से  राज्यव्यापी आंदोलन करने का ऐलान अखिल भारतीय बीड़ी मजदूर महासंघ (संलग्न भारतीय मजदूर संघ) के महामंत्री उमेश विश्वास ने किया है. 

बेरोजगार भत्ते की मांग 

इस समय अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ (संलग्न भारतीय मजदूर संघ) के सेक्रेटरी सचिन मेंगाले ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बीड़ी श्रमिकों के लिए प्रतिमाह अनुदान के तौर पर 6500 रुपए तुरंत मजदूरों के बैंक खाते में जमा करने की मांग की है. बीड़ी उद्योग के श्रमिकों को अल्प वेतन मिलने से  हालात गंभीर बनी हुई हैं. इसलिए मजदूरों को न्याय मिलने के लिए भारत सरकार के बीड़ी कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से ऊदर निर्वाह के लिए बेरोजगार भत्ते की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई भी उचित प्रतिसाद नहीं मिला है. भारत सरकार ने 29 मार्च के आदेश द्वारा लॉकडाउन के समय का पूरा वेतन देने के लिए कारखानदारों को आदेश जारी किया था, लेकिन अभी तक बीड़ी कारखानों व्यवस्थापन आदेश का अमल नहीं करने से बीड़ी मजदूर वंचित हैं. वेतन अदा करने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मांग की है. 

बीड़ी उद्योग तुरंत चालू करने की मांग

वेतन के लिए संगठन ने श्रम आयुक्त पुणे, मुंबई मे शिकायत दाखिल की हैं लेकिन श्रम कार्यालय द्वारा कार्यवाही न होने से वेतन से वंचित हैं. भारत सरकार के 20 अप्रैल के आदेश द्वारा विविध श्रेत्रो मे उद्योग शुरू करने की इजाजत दी गई. इसलिए बीड़ी उद्योग तुरंत चालू करने की मांग भारतीय मजदूर संघ ने की थी. तदनुसार अनेक राज्यों, शहरों में बीड़ी उद्योग शुरू भी हुआ, लेकिन पुणे शहर में बीड़ी उद्योग अभी भी शुरू नहीं किया गया है. इस आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय बीड़ी मजदूर महासंघ के महामंत्री उमेश विश्वाद, अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ के सेक्रेटरी सचिन मेंगाले,  बीड़ी मजदूर प्रतिनिधि कस्तूरी बडगु, लता मद्दी, विजया लक्ष्मी येमुल, मुक्ता कोटा और वासंती तुम्मा ने किया.