कोरोना से मृत मनपा कर्मियों को मुआवजा का मामला: 25 लाख मदद की प्रक्रिया पूरी

  • परिवारों को जल्द धनराशि देगा मनपा
  • 38 मनपा कर्मियों की मृत्यु कोरोना से

पुणे. शहर में कोरोना ने आतंक मचा रखा था.  इसका प्रकोप रोकने के लिए महापालिका प्रशासन ने सभी कर्मियों को काम पर लगाया था. प्रशासन ने कर्मियों के लिए 1 करोड़ का सुरक्षा कवर घोषित किया हुआ है. कोरोना संक्रमण से अब तक मनपा के करीब 38 कर्मियों की मृत्यु हुई है.  इन कर्मियों के परिवारों को अब नियमानुसार मदद देने की प्रक्रिया जारी थी. इसको लेकर हाल ही में सर्वदलीय नेताओं के साथ महापौर ने बैठक की थी. आम सभा की मंजूरी के भरोसे प्रस्ताव पर अमल करें और उन्हें 25 लाख की मदद करें. ऐसी दरखास्त महापौर ने मनपा कमिश्नर से की थी. 

इसके अनुसार अब कर्मियों के परिजनों को 25 लाख की मदद मिलने का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि इसके अमल से सम्बंधित जो प्रस्ताव प्रशासन द्वारा कमिश्नर के समक्ष मंजूरी के लिए रखा गया था, उसे  कमिश्नर ने इसे हरी झंडी दिखाई है. परिवारों को देने के लिए प्रशासन ने चेक भी तैयार कर लिए हैं. पहले चरण में 30 जुलाई तक मृत हुए कर्मियों को मदद दी जाएगी. ऐसी जानकारी मनपा सूत्रों द्वारा मिली.

दिया है कोरोना सुरक्षा कवर

महापालिका ने अपने कर्मियों के लिए कोरोना सुरक्षा कवरयोजना लागू की है. मनपा में पहले से ही मजदुर कल्याण निधि कार्यान्वित किया गया है. इसी निधि के तहत यह सहायता की जाएगी. महापालिका प्रशासन के निर्देशानुसार इस योजना के लाभार्थी मनपा के कर्मी और अधिकारी जिन्हे कोरोना का काम दिया गया है, ऐसे सभी लोग होंगे क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अलावा सभी विभागों के कर्मी और अधिकारियों को मनपा प्रशासन ने इस काम पर लगा दिया है. इसके तहत कर्मियों की मृत्यु हुई तो उसे 1 करोड़ की वित्तीय सहायता की जाएगी. अगर वारिस को नौकरी चाहिए तो नौकरी और 75 लाख की सहायता की जाएगी. इस योजना से संबंधित सभी अधिकार मजदूर कल्याण निधि समिति के पास रहेंगे. इसके अलावा अब कई योजनाएं लागू की हैं.

650 से अधिक कर्मी संक्रमित हुए  

शहर में कोरोना का काम करते हुए अब तक 38 मनपा कर्मियों की मौत हो चुकी है. तो 650 से अधिक कर्मी संक्रमित पाए गए हैं. इसमें सफाई कर्मियों की तादाद ज्यादा हैं. इसमें से करीब 450 से अधिक कर्मियों को डिस्चार्ज दिया गया है. इन कर्मियों के परिवारों को अब नियमानुसार मदद देने की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा की जा रही थी. मनपा ने लगभग 7 प्रस्ताव बीमा कंपनी को भेजे थे. द न्यू इंडिया इन्शुरन्स कंपनी द्वारा यह प्रक्रिया की जानेवाली है, लेकिन कंपनी ने नियम को आगे कर इसे मंजूरी नहीं दी है. कंपनी द्वारा कहा जा रहा है सफाई कर्मियों को मुआवजा मिल नहीं दिया जा सकता. कंपनी ने अब इसकी गेंद केंद्र के पाले में डाली है. इससे मदद नहीं मिल पा रही है. तो दूसरी ओर सुरक्षा कवर पर मनपा अमल नहीं कर पा रही है. क्योंकि इससे संबंधित प्रस्ताव को आम सभा की मंजूरी नहीं मिली है. इस बीच, इसको लेकर हाल ही में सर्वदलीय नेताओं के साथ महापौर ने बैठक थी. साथ ही आम सभा मंजूरी देगी, इस भरोसे प्रस्ताव पर अमल करें और उन्हें 25 लाख की मदद करें. ऐसी दरखास्त महापौर ने मनपा कमिश्नर से की थी.

पहले चरण में 15 कर्मियों को मदद मिलेगी

इसके अनुसार, अब कर्मियों के परिजनों को 25 लाख की मदद मिलने का रास्ता साफ हुआ था. कमिश्नर ने इसे हरी झंडी दिखाई है. साथ ही प्रशासन के परिवारों को देने के लिए चेक भी तैयार किए है. पहले चरण में 30 जुलाई तक मृत हुए कर्मियों को मदद दी जाएगी. ऐसी जानकारी मनपा सूत्रों द्वारा मिली. सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में 15 कर्मियों को मदद मिलेगी. उसके बाद शेष कर्मियों को राशि दी जाएगी.

ठेके के कर्मियों को मदद मिलना मुश्किल

इस बीच, मृत हुए 27कर्मियों से 2 कर्मी ठेके पर काम करनेवाले थे. मनपा के नीति के अनुसार ठेके के कर्मियों को 25 लाख की मदद नहीं दी जाती है. उन्हें मदद देनी हो तो उसके लिए आम सभा के मंजूरी की आवश्यकता लगेगी, लेकिन तब तक इन कर्मियों के परिवारों को इंतजार करना पड़ेगा.