इस वर्ष सादगी से मनाया जाएगा गणेशोत्सव

पुणे. कोरोना की पृष्ठभूमि पर इस साल गणेशोत्सव सादगी से मनाया जाएगा. यह आश्वासन शहर के सम्मान के पांच गणेश मंडलों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को दिया. साथ ही लॉकडाउन में कुछ और ढील दिए जाने के बाद शहर के अन्य गणेश मंडलों से चर्चा करने व उत्सव की अंतिम रूपरेखा तय करने की बात भी गणेश मंडलों ने कही. इस साल कोरोना की पृष्ठभूमि पर आगामी गणेशोत्सव के विषय में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के विभिन्न शहरों के गणेशोत्सव मंडल पदाधिकारियों से बातचीत की.

मुख्यमंत्री से ऑनलाइन हुई चर्चा

गणेशोत्सव की परंपरा रखने वाले पुणे के पांच प्रमुख गणेश मंडलों के पदाधिकारियों ने श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट के गणपति भवन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ ऑनलाइन बातचीत की. यहां श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक गोडसे, अखिल मंडई मंडल के अध्यक्ष अण्णा थोरात, कसबा गणपति मंडल के अध्यक्ष श्रीकांत शेटे, तांबडी जोगेश्वरी मंडलाध्यक्ष राजाभाऊ टिकार, गुरुजी तालीम मंडल के अध्यक्ष प्रवीण परदेशी, तुलशीबाग मंडल के अध्यक्ष विवेक खटावकर, भाऊ रंगारी गणपति ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव जावले, पुनीत बालन, महेश सूर्यवंशी, सुनील रासने, नितिन पंडित, अनिरुद्ध गाडगिल, एड. प्रताप परदेशी, शिवसेना के शहराध्यक्ष संजय मोरे एवं प्रशांत बधे आदि पदाधिकारी उपस्थित थे.

गणेश मंडल सरकार के साथ

अशोक गोडसे ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण हेतु महाराष्ट्र सरकार, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग द्वारा उल्लेखनीय तरीके से काम जारी है. सरकार के निर्णय के अनुसार हम इस साल गणेशोत्सव सादगी से मनाएंगे. गणेशोत्सव मंडल सरकार के साथ हैं. इस साल गणेशोत्सव सादगी से मनाए जाने का निर्णय पुणे के पांच सम्मान के गणपति मंडलों द्वारा लिया गया था. मुख्यमंत्री ने भी इन गणेश मंडलों का अभिनंदन किया है.

पालक मंत्री को भी दी जानकारी

अण्णा थोरात ने कहा कि सरकार के निर्णय के अनुसार इस साल गणेशोत्सव नागरिकों के हित को दृष्टि में रखते हुए मनाया जाएगा. इस विषय में पुणे के मुख्य गणेशोत्सव मंडलों ने मुख्यमंत्री से चर्चा की. चर्चा में सभी ने एकत्रित रूप से तथा सादगी से गणेशोत्सव मनाए जाने पर सहमति जताई. महोत्सव की रूपरेखा को लेकर पालकमंत्री अजीत पवार को भी पत्र द्वारा जानकारी दी जाएगी.

अपने घरों में ही करें गणेश पूजा

उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि इस साल हमें कोरोना और बारिश जैसे दो मोर्चे संभालने हैं. उत्सवों की परंपरा तो कायम रखी जाएगी, मगर उनके स्वरूप में बदलाव करना होगा. सब लोग अपने-अपने घर में ही भगवान श्री गणेश का पूजन करें. बहुत कम लोगों की उपस्थिति में उत्सव मनाने का प्रयास करें. इस विषय में शीघ्र ही बैठक आयोजित की जाएगी.