सोने की बीसी के नाम पर धोखाधड़ी, फरार आरोपी गिरफ्तार

  • मकोका समेत 4 मामलों में था वांटेड

पिंपरी. सोने की बीसी के नाम पर धोखाधड़ी करने और मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध प्रतिबंध कानून) समेत 4 लग- अलग मामलों में फरार चल रहे एक शातिर बदमाश पर शिकंजा कसने में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच के यूनिट-5 को सफलता मिली है. संजय मारुति कारले (42)गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम है. उसने देहूरोड और तलेगांव में सोने की बीसी के नाम पर कई लोगों के साथ धोखाधड़ी किये जाने की जानकारी सामने लायी.

क्राइम ब्रांच यूनिट-5 की कामयाबी

क्राइम ब्रांच यूनिट-5 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण सावंत ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश द्वारा शुरू की गई जीरो टॉलरेंस मुहिम के तहत अपराध और अपराधियों का प्रतिबन्ध करने में जुटी पुलिस टीम के कर्मचारी दत्तात्रय बनसुडे और सावन राठोड को मुखबिर से पता चला कि तलेगांव और देहूरोड पुलिस थानों की सीमा में सोने की बीसी के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर फरार हो चुका संजय कारले अपने घर आनेवाला है. इसके अनुसार यूनिट-5 के पुलिस कर्मचारी दत्तात्रय बनसुडे, संदिप ठाकरे, मयुर वाडकर, गणेश मालुसरे, ज्ञानेश्वर गाडेकर व श्यामसुंदर गुट्टे की टीम ने तलेगांव दाभाड़े में जाल बिछाया.

पुलिस स्टेशन में कई मामले दर्ज

पुलिस को देखकर संजय भागने लगा, मगर पुलिस टीम की सतर्कता से वह ज्यादा नहीं भाग सका. नाम-पता पूछने पर वह टालमटोल करने लगा. मगर बाद में उसने स्वीकार कर लिया कि वह संजय कारले ही है.उसके खिलाफ देहू रोड पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 34, 384, 504, 506, आर्म ऍ़क्ट 3(25) के तहत तीन और तलेगांव दाभाड़े पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 व मकोका 3(1)(ii) 3(1) के तहत मामले दर्ज हैं.इन मामलों में वह लगातार फरार चल रहा था. उसे गिरफ्तार कर देहूरोड पुलिस के हवाले किया गया है.इस कार्रवाई को युनिट-5 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण सावंत, सहायक निरीक्षक राम गोमारे, कर्मचारी धनराज किरनाले, दत्तात्रय बनसुडे, संदिप ठाकरे, मयुर वाडकर, गणेश मालुसरे, ज्ञानेश्वर गाडेकर, श्यामसुंदर गुट्टे, धनंजय भोसले, स्वामीनाथ जाधव, फारुक मुल्ला, सावन राठोड, नितीन बहिरट, भरत माने, राजकुमार इघारे, दयानंद खेडकर, गोपाल ब्रम्हांदे व राजेंद्र कदम की टीम ने अंजाम दिया.