कोरोना टेस्ट को लेकर निजी लैब पर मनपा का नियंत्रण नहीं!

  • विपक्षी नेता दीपाली धुमाल ने की आलोचना

पुणे. पुणे शहर में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण हर दिन दो हजार तक पॉजिटिव रोगी पाए जाते हैं. मनपा ने कई स्थानों पर कोरोना स्वैब टेस्ट और एंटीजन रैपिड टेस्ट सेंटर शुरू किए हैं. परीक्षण कुछ निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में भी उपलब्ध है, लेकिन निजी अस्पतालों और निजी प्रयोगशालाओं में जहां परीक्षण किए जाते हैं, रिपोर्ट समय पर प्राप्त नहीं होती है. 

इससे कोरोना बढ़ता जा रहा है. इस पर मनपा का भी कोई नियंत्रण नहीं है. ऐसी आलोचना विपक्षी नेता दीपाली धुमाल ने की है. साथ ही मांग की है कि ऐसी लैब पर कार्रवाई की जाए.

समय पर नहीं मिलती रिपोर्ट

धुमाल ने कहा कि निजी लैब में टेस्ट करने के बाद  3 से 4 दिनों में रिपोर्ट आती है. रिपोर्ट प्राप्त होने तक यदि मरीज पॉजिटिव जाता है, तो वह रोगी अपने परिवार में और उसके आसपास घूम रहा होता है.  इसलिए बाकी भी कोरोना से संक्रमित होने की संभावना होती है. इसके लिए कम से कम एक दिन के भीतर तत्काल रिपोर्ट की आवश्यकता होती है. उसी समय निजी लैब में परीक्षण करने के बाद सोसाइटी के नागरिकों और जिस क्षेत्र में परीक्षण किया गया है. उसकी पूरी जानकारी संबंधित मनपा अधिकारी और विभाग को मिलनी चाहिए. यह काम निजी लैब द्वारा होना आवश्यक है. जैसा कि इस तरह की जानकारी प्रदान नहीं की जाती है. जानकारी मिलने से संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र या समाज के खिलाफ सावधानी बरतने का काम करेंगे.  हालांकि, निजी प्रयोगशालाएं निगम को ऐसी जानकारी प्रदान नहीं करती हैं और यहां तक कि कुछ रोगी भी यह जानकारी प्रदान नहीं करते हैं.

सख्त नीति की आवश्यकता

धुमाल ने कहा कि इसके लिए एक सख्त नीति की आवश्यकता है. इस तरह के आदेश जारी किए जाने चाहिए. यदि किसी मरीज को समय पर रिपोर्ट न करने के कारण परेशान किया जाता है, तो रिपोर्ट न करने के कारण, रोगी का इलाज मनपा के अस्पताल या निजी अस्पताल में किया जाता है, जिससे कोविड़  या गैर-कोविड़  जैसे भ्रम पैदा होते हैं. ऐसा कई बार हुआ है. इससे रोगी की जान भी जा सकती है.  इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है, यह पता लगाने के लिए मनपा के लिए इस तरह के निजी क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं पर नियंत्रण और ध्यान होना आवश्यक है. निजी प्रयोगशालाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए जो समय पर रिपोर्ट नहीं करते हैं. ऐसी मांग विपक्ष की नेता दीपाली धुमाल  ने की है.