संतों की संगत में पहुंचे पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश

पिंपरी. एक दबंग आईपीएस अधिकारी के रूप में परिचित पिंपरी-चिंचवड़ के नए पुलिस कमिश्नर  कृष्णप्रकाश अपनी अनूठी कार्यप्रणाली के लिए भी पहचाने जाते हैं. अब तक उनके बारे में कहा, सुना और पढ़ा गया है कि वे कभी भी कहीं भी किसी भी वेश में पहुंच जाते हैं. हालांकि उनके इस अंदाज का परिचय गत दिन आलंदी के जोग महाराज शिक्षा संस्था मठ में हो गया. अचानक से वे यहां पहुंच गए और संतों की संगत में बैठ गए. यही नहीं उन्होंने यहां भजन-कीर्तन का लुत्फ भी उठाया.

अध्यापक विट्ठल महाराज घुले का स्मरण दिवस

गुरुवर जोग महाराज वारकरी शिक्षण संस्था के अध्यापक विठ्ठल महाराज घुले के 10वें स्मरण दिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पिंपरी-चिंचवड़ के नए पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश पधारे थे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अध्यात्म ही सच्ची देश की ताकत है. देश को बलशाली बनाने के लिए अध्यात्म का प्रचार-प्रसार होना चाहिए. बिना भेदभाव के भारतीय संस्कृति, भक्ति, अध्यात्म आखिरी पायदान तक पहुंचाना धार्मिक संस्थाओं, संतों, साधूओं, मठों का काम होना चाहिए.

संतों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संतों के बताए इसी मार्ग पर देशवासियों को चलना चाहिए. इस अवसर पर अध्यापक और सचिव बाजीराव चंदिले, डी डी भोसले, अशोक कांबले, राहुल चितालकर, सचिन गिलबिले, राजाभाउ चोपदार, अविनाश पाटिल, गोविंद गोरे, पांडुरंग शितोले आदि उपस्थित थे. अध्यात्मिक गुरुकुल संघ, मराठा पाटिल संगठन और आलंदी के ग्रामीणों की ओर से संत ज्ञानेश्वर महाराज की प्रतिमा देकर पुलिस कमिश्नर को सम्मानित भी किया गया.