NEP पर टीचर्स कांग्रेस-एमआइटी WPU करेगी चार दिवसीय मंथन

पुणे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: (National Education Policy 2020) अवसर उपलब्ध हैं, विषय पर एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT World Peace University) की ओर से चौथी राष्ट्रीय टीचर्स कांग्रेस (National Teachers Congress) का चार दिवसीय ऑनलाईन आयोजन 15 से 18 दिसंबर के बीच होगा। यह जानकारी एआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के प्र. कुलपति प्रा. डॉ. आर.एम. चिटणीस ने दी।

राज्यपाल डॉ. नजमा हेपतुल्ला मुख्य अतिथि

संवाददाता सम्मेलन का उद्घाटन 15 दिसंबर की सुबह 11 बजे होगा। जिसमें मणिपुर की राज्यपाल डॉ. नजमा हेपतुल्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगी। पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पद्मविभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी, कंसाई जापान इंडिया कल्चर सोसायटी के अध्यक्ष प्रा. डॉ. टोमियो मिजोकामी, विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मविभूषण डॉ. आर.एम. माशेलकर और प्रसिद्ध विशेषज्ञ पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष और यूनेस्को के अध्ययन प्रमुख प्रो. विश्वनाथ दा. कराड निभाएंगे।

जगदीश गांधी, कस्तूरीरंगन को जीवन गौरव पुरस्कार

उन्होंने बताया कि इस मौके पर सिटी मॉटेसरी स्कूल के संस्थापक प्रबंधक और इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ चीफ जस्टिज के समन्वयक डॉ. जगदीश गांधी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन को जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। नेशनल टीचस कांग्रेस का आयोजन एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल विश्वनाथ कराड की अवाधारणा और पहल के साथ किया जा रहा है। सम्मेलन का समापन 18 दिसंबर को शाम 4।30 बजे होगा। इसमें केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेंद्रनाथ पांडे मुख्य अतिथि होंगे। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा अध्यक्ष होंगे।

पूर्व केंद्रीय मानव विकास मंत्री कपिल सिब्बल और अनुसंधान और नवाचार सर्किल हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. अजीत रंगणेकर उपस्थित रहेंगे। कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नॉलॉजी के संस्थापक और सांसद डॉ. अच्युत समंता को जीवन गौरव पुस्कार से सम्मानि किया जाएगा।

चार दिवसीय सम्मेलन में कुल 8 सत्र होंगे। जिनमें एनईपी 2020 के सफल कार्यान्वयन के लिए मार्गदर्शन, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, ओपन एजुकेशन एक ऐसा धागा जो सभी विषयों को जोड़ता है. पूर्व प्राथमिक से 12वीं स्कूली शिक्षा के लिए नई दिशा ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा, शैक्षिक प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा में मौलिक परिवर्तन, भारतीय शिक्षा का वैश्वीकरण और प्रत्यायन, तुलानात्मक मानक और गुणवत्ता (आइआइटी, आइआइएम, आइआइएस और एआइआइएमएस) इसके अलावा दो विशेष टीचर टू टीचर कनेक्ट और दो पेपर प्रस्तुति सत्र होंगे।