22 दिनों से बंद पड़ा है वाईसीएम हॉस्पिटल का शवगृह

पिंपरी. महामारी कोरोना के संकटकाल में भी पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के वाईसीएम हॉस्पिटल की असुविधाएं कहीं दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब वाईसीएम हास्पिटल का ‘डेड हाउस’ पिछले 22 दिनों से पूरी तरह बंद रहने की जानकारी सामने आयी है. इसके चलते मृतकों के परिजनों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है.

महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते रोजाना 20 से 25 लाेगाें की माैत दर्ज हो रही है. कोरोना के अलावा अन्य वजहाें से मरनेवालों के शव प्राप्त करने में उनके परिजनाें काे काफी मश्नकत करनी पड़ती है. दूर के रिश्तेदाराें के लिए मृतकाें के शव तुरंत जे जाना संभव नहीं हाेता. नाॅन काेविड मरीजाें की माैत के बाद उनके शव का पाेस्टमार्टम किया जाता है. इसके लिए शव काे शवगृह में रखना पड़ता है. काॅम्प्रेशर बंद हाेने से पिछले 22 दिनाें से शवगृह बंद है और वहां शव रखने से इन्कार किया जा रहा है.

प्रशासन द्वारा शवाें काे रखने के लिए बर्फ की सिल्लियाें की व्यवस्था की गई है, मगर उसमें भी शव काे नहीं रखा जा सकता. इस वजह से रिश्तेदाराें काे देर रात शव लेकर अंतिम संस्कार हेतु जाना पड़ रहा है. उल्लेखनीय है कि, मनपा के सत्तादल और प्रशासन काे इस बात की जानकारी ही नहीं थी. सामाजिक कार्यकर्ता मारुति भापकर ने एक ज्ञापन के जरिए इस पर कड़ी नाराजगी जताई है.