Take care of your mother-in-law's delicate relationship like this

-सीमा कुमारी

भारतीय संस्कृति के अनुसार सास-बहू का रिश्ता माँ-बेटी के रिश्ते से भी बड़ा होता हैं. लेकिन लोग ऐसे रिश्ते नहीं निभाते, क्योंकि वह एक दूसरे को नीचा दिखाने में ही लगे रहते हैं. जिस तरह एक हाथ से ताली नहीं बजती हैं, ताली बाजने के लिए दोनों हाथो को आपस में मिलना पड़ता हैं ठीक उसी तरह से सास-बहू का रिश्ते को निभाने के लिए दोनों तरफ से एक दूसरे के प्रति प्रेम होना जरुरी हैं. अमूमन इस रिश्ते में हम बहू को ‘बेचारी’ और सास को ‘गले की फांस’ की संज्ञा देते हैं. वैसे तो हर सास-बहू का रिश्ता बेहद खास होता है, लेकिन आपने अक्सर फिल्मों और टीवी सीरियल्स  में इस रिश्ते में एक-दूसरे के लिए कड़वाहट ही देखी होगी. 

लेकिन रियल लाइफ में शादी के बाद किसी भी लड़की का एकदम से नए परिवार में एडजस्ट होना सबसे मुश्किल काम होता है. शादी के बाद पति ही नहीं बल्कि ससुराल के बाकी सदस्यों के साथ भी अच्छा रिश्ता होना बहुत जरूरी है. बहू के लिए अपने पार्टनर के बाद सबसे ज्यादा जरूरी होता है सास को समझना. क्योंकि उन्हीं के साथ लड़की को सारा दिन बिताना होता है. इसके अलावा अगर सास-बहू में अच्छी बॉडिंग हो तो घर खुशियों से भर जाता है.

सास बहू के अच्छे रिश्ते के लिए ये याद रखें :-

  • यदि आप सास से कुछ नया काम करना सीख रही हो, तो ऐसे में गलती होने पर बहू को सास की डांट को चुपचाप सुन लेना चाहिए. जबकि सास को बहू की रोजाना की छोटी-छोटी गलतियों को बेटी की गलतियों की तरह नजरअंदाज करना आना चाहिए.
  • अक्सर हम सभी देखते हैं की जब भी नया रिस्ता बनता हैं तो उसमे किसी न किसी वजह से गलतफहमी आ ही जाती हैं. चाहे वो दोस्ती का हो या फिर सास बहू का हो. ऐसे में जब कभी भी लगे की रिश्ते में गलतफहमी होने वाली हैं या हो गयी हैं तो दोनों को बैठ कर उस गलतफहमी को दूर करने की कोशिश करना चाहिए ऐसा करने से आपके रिश्ते में मजबूती आती हैं.
  • बहु अगर कोई गलती करती हैं तो उसको ताने मरने की जगह उसे प्यार से समझाना चाहिए.
  • बहु के मायके से यदि कुछ उपहार आता हैं तो उसे अच्छे से स्वीकार करें और बहु के सामने उनके मायके वालों की अपमान न करे. अगर आप अपमान करते हैं तो इसका मतलब हैं की आप उनके मन में कड़वाहट पैदा कर रहे हैं और अपने प्रति सम्मान को कम कर रहे हैं.