ATM मशिनों में क्लोनिंग के जरीए राशि उडाने के 15 मामले, पुलिस विभाग और सायबर क्राईम सेल जांच में जुटी

    यवतमाल.यवतमाल शहर के तीन ठिकानों पर लगे एसबीआय बैंक के एटीएम मशिनों में क्लोन के जरीए जानकारी हासिल कर बैंक ग्राहकों की राशि उडाने के मामले सामने आने के बाद शहर में हडकम्प मचा हुआ है.

    दो दिनों पूर्व स्थानिय वडगांव मार्ग पर लगे एटीएम में क्लोन लगा होने और इसके जरीए विभीन्न बैंक खातों सें राशि उडाने की जानकारी सोशल मिडीया के जरीए सामने आयी थी. इसके अलावा गोधणी मार्ग पर स्थित एटीएम पर भी क्लोनिंग और आनलाईन तकनिक का अनुचित ईस्तेमाल कर शातिराना तरीके से ईस्तेमाल कर एटीएम कार्ड की जानकारी के आधार पर राशि उडाने का मामला पुलिस के सामने आया.

    जिससे विभीन्न बैंकों के ग्राहकों और एटीएम का नियमित ईस्तेमाल करनेवाले आम नागरिकों, और व्यापारीयों, कामकाजी वर्ग में चिंता छायी हुई है.इसी बीच इस तरह की घटनाओं के बाद पुलिस विभाग और सायबर सेल द्वारा एैसे मामलों में सक्रीय तत्वों के खिलाफ कारवाई कर उनपर नकेल कसने और आम जनता को चिंता से मुक्त करने की अपेक्षा जतायी जा रही है.

    बता दें की दो दिनों पुर्व ही सत्यसाईज्योत मंगल कार्यालय आर्णी नाका परिसर में लगे एसबीआय के एटीम मशिन में क्लोनर लगा होने की जानकारी सामने आने से खलबली मची हुई है.जीन एटीम मशिन में क्लोनिंग हुई है, वहां पर एटीएम के भीतर डिवाईस लगे थे, लेकिन हैकर ने मशिन के पिछले हिस्से में डाटा एक्सेस लेने डिवाईस लगाने की जानकारी सायबर सेल के जांच पडताल में सामने आयी.

    तो कर देंगे एसबीआय के तीनों एटीएम सील

    सायबर सेल की चेतावणी

    क्लोनिंग का मामला उजागर होने और उससे पुर्व इस तरह की सायबर सेल को 15 शिकायतें मिल चुकी है, इन मामलों में पुलिस थानों में भी शिकायतें दर्ज की गयी है.इन 15 मामलों में बैंक ग्राहकों की अब तक 1 लाख 66 हजार रुपयों की राशी चालाकी से चोरी जा चुकी है.

    जिससे सायबर सेल ने एसबीआय की मुख्य शाखा को इसकी जानकारी दी गयी थी, लेकिन अनेक माह बितने पर भी बैंक प्रशासन ने इस ओर नजरअंदाज कीया, इस मामलें में सेल ने बैंक से पत्रव्यवहार करते हुए आवश्यक सतर्कता न बरतने और कारवाई न करने पर हैक कीए गए आर्णी मार्ग, माईंदे चौक और गोधनी मार्ग के एसबीआय एटीएम को सील करने सुचना बैंक प्रशासन को दी है.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंकों के एटीएम में कार्ड स्वैप करने के स्थान पर क्लोन लगाने और इसके जरीए राशि उडाने से जुडे इन मामलों का नेटवर्क स्थानिय है या फिर इससे बाहरी कडी जुडी हुई है.आधुनिक युग में आनलाईन तौर पर आर्थिक ट्रांजेक्शन पुरी तरह आम होने से एैसे मामलों में आम नागरिकों में चिंता छाने के बाद बैंक प्रशासन के साथ ही पुलिस विभाग के अधिकारीयों और तकनिकी पहलुओं पर जानकारी ईकठठा कर सक्रीय तत्वों पर नकेल कसने विभाग के सायबर क्राईम सेल जिला पुलिस अधिक्षक डा.दिलीप पाटील भुजबल के मार्गदर्शन में आधुनिक तकनिक का ईस्तेमाल कर सरगर्मी के साथ अज्ञात तत्वों का सुराग लगाने में जुटा है.

    नागरिक भी एटीएम का ईस्तेमाल करते समय सतर्क रहें

    क्लोन का ईस्तेमाल कर एटीएम मशिनों के जरीए बैंक खातों से राशि उडाने के यह गंभीर अपराधिक मामलें है, जिससे हम पुरी सक्रीयता से जांच और कारवाई में जुटे है.सभी तकनिकी पहलुओं का निरीक्षण और जांच पडताल की जा रही है, इसमें थोडा समय लग सकता है,लेकिन निश्चित ही इसमें सफलता मिलेंगी.आम नागरिक भी एटीएम मशिनों का ईस्तेमाल करते हुए वहां पर गोपनियतापुर्वक कार्ड का ईस्तेमाल करें, अपने खातें और कार्ड से जुडी जानकारी,पीनकोड ईस्तेमाल करते हुए सतर्क रहें, हो सके तो कार्ड स्वैप के स्थान पर लगे हिस्से को हिलाकर देखें,  ताकी कार्ड और पीन की जानकारी पुरी तरह गुप्त रहें.

    अमोल पुरी

    पुलिस उपनिरीक्षक

    पुलिस सायबर क्राईम सेल यवतमाल