क्या अमेरिका को मिलेगी भारतीय मूल की उपराष्ट्रपति कमला

हर भारतवासी गौरवान्वित व खुश महसूस करता है जब भारतीय मूल का कोई व्यक्ति आपनी काबिलियत के दम पर विदेश में किसी उच्च राजनीतिक पद को हासिल कर लेता है. ब्रिटेन के वित्त मंत्री शौनक ऋषि इन्फोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति के दामाद हैं, वहीं प्रीति पटेल वहां की गृह राज्यमंत्री हैं. आयरलैंड के प्रधानमंत्री रहे लियो वराडकर भारतीय मूल के हैं. अमेरिका में यूएन में राजदूत व साउथ कैरोलाइना की गवर्नर रहीं निक्की हेली भी सिख मां की बेटी हैं. इसी तरह कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार में भारतीय मूल के कुछ मंत्री  शामिल हैं. अभी अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने अपने रनिंग मेट (उपराष्ट्रपति) पद के लिए भारतीय-अफ्रीकी मूल की कमला हैरिस का चयन किया है. डेमोक्रेटिक पार्टी का यह कदम भारतीय मूल के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश माना जा रहा है. पिछले चुनाव में भारतीय मूल के मतदाताओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया था. कमला हैरिस के नाम की घोषणा कर बिडेन ने चुनावी समीकरण को काफी दिलचस्प बना दिया है. यदि कमला हैरिस चुनी जाती हैं तो वे भारतीय मूल की पहली अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी. ऐसा अमेरिकी इतिहास में प्रथम बार होगा.

भारत में ननिहाल है

कमला हैरिस की मां का नाम श्यामला गोपालन है. किशोरवय होने तक कमला अपनी छोटी बहन माया के साथ हर वर्ष तमिलनाडु के अपने ननिहाल में आया करती थीं. यही वजह है कि वह लगातार हिंदू मंदिरों में जाती रही हैं. इसके बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि चुने जाने पर उनका भारत के प्रति लचीला रुख रहेगा. जब मुद्दों की बात होती है तो वहां का कोई भी नेता अपनी पार्टी की नीतियों से एक इंच भी टस से मस नहीं होता.

जयशंकर की आलोचना

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिसंबर 2019 में अमेरिका यात्रा की थी. वहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से भेंट की लेकिन समय का अभाव बताकर विदेश मामलों के संसदीय दल के साथ अपनी बैठक रद्द कर दी. इसकी वजह यह थी कि भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल धारा 370 हटाने तथा सीएए जैसे मुद्दों पर भारत की नीति की कड़ी आलोचक थीं. जयशंकर ने कहा कि उनकी प्रमिला जयपाल से मिलने में कोई दिलचस्पी नहीं है. भारतीय विदेश मंत्री के इस फैसले की कमला हैरिस ने बेहद कड़े शब्दों में आलोचना की थी. वह धार्मिक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर काफी मुखर रही हैं.

ट्रम्प से टकराव

कमला हैरिस आव्रजन (इमिग्रेशन) मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों की कड़ी आलोचक रही हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका को विश्व की सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने में बाहरी देशों से आए लोगों की प्रमुख भूमिका रही है. भारत से बेहतर रिश्तों की बात करने वाले ट्रम्प भारतीय कामगारों के अमेरिका आने की राह में रुकावटें डाल रहे हैं.

ट्रम्प ने ‘दुष्ट महिला’ कहा

कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के डेमोक्रेटिक पार्टी के कदम पर ट्रम्प भड़क गए. उन्होंने सारी सीमाएं लांघते हुए कहा कि वह एक दुष्ट महिला है. उसने एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक जज के साथ असाधारण रूप से बुरा व्यवहार किया था.