नीरज बिश्रोई का दावा; कर चूका है स्कूलों की वेब साईट हैक, दो बार खुदखुशी करने की कोशिश

    नई दिल्ली: ‘बुली बाई’ मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस को पता चला है कि ऐप बनाने वाले नीरज बिश्नोई ने ‘गियू’ नाम से पांच अलग-अलग ट्विटर हैंडल बनाए थे। यह एक जापानी एनीमे के एक पात्र का नाम है। आरोपी ने जिस नाम से अकाउंट बनाए थे उनकी पहचान हो गई है। इसमें @giyu2002, @giyu007, @giyuu84, @giyu94 और @giyu44 अकाउंट शामिल हैं।

    इनमें से एकाउंट @giyu2002 दक्षिण पश्चिम दिल्ली के किशनगढ़ थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा पाया गया है।  आईएफएसओ स्पेशल सेल के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने दावा किया कि बिश्नोई ने @giyu2002 ट्विटर हैंडल से भद्दी टिप्पणियां की थीं और महिलाओं की नीलामी के बारे में ट्वीट किया था।

    पुलिस की जांच को चुनौती के लिए बनाया था नया अकाउंट 

     पुलिस अधिकारी केपीएस मल्होत्रा ने कहा कि,आरोपी बिश्नोई जिन्हें गुरुवार को असम में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था उसने  3 जनवरी, 2022 को @giyu44 पर एक और अकाउंट बनाया, ताकि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए मुंबई पुलिस की जांच को चुनौती दी जा सके। मल्होत्रा ने कहा, ‘पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने नेपाल में अपनी लोकेशन दिखाने की कोशिश की थी।’

    उल्लेखनीय है कि, आरोपी बिश्नोई का अकाउंट @giyu007 तब सामने आया जब ‘सुली डील’ मामले की जांच चल रही थी।  इस हैंडल के जरिए उन्होंने ‘सुली डील्स’ एप के संभावित प्रसारक/प्रवर्तक के बारे में कुछ जानकारी हासिल करने की कोशिश की।

    डीसीपी मल्होत्रा ने आगे कहा, आरोपी ने इस दौरान एक लड़की का फर्जी प्रोफाइल बनाकर एक समाचार रिपोर्टर के रूप में जांच एजेंसी के साथ संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद वह कई अन्य पत्रकारों के संपर्क में आया और अपने नापाक इरादों से गलत सूचना फैलाने की कोशिश की थी।

    15 साल की उम्र से करता था हैकिंग 

    डीसीपी मल्होत्रा ने कहा कि, आरोपी बिश्नोई ने खुलासा किया है कि उसे हैकिंग, वेबसाइटों को खराब करने की आदत है और वह 15 साल की उम्र से वही सीख रहा है।  उसने भारत के साथ-साथ पाकिस्तान के स्कूलों और विश्वविद्यालयों की विभिन्न वेबसाइटों को हैक करने का दावा किया है।

    श्वेता के ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल 

    बिश्नोई ने यह भी खुलासा किया है कि वह आभासी दुनिया में मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों के संपर्क में था और ट्विटर ग्रुप चैट के जरिए चैट करता था। डीसीपी मल्होत्रा ने कहा कि वह उन लोगों से कभी नहीं मिले और उनके संपर्क नंबर भी नहीं थे। डीसीपी ने कहा कि बिश्नोई ने यह भी खुलासा किया कि वह मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई लड़की श्वेता के ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था।

    गुरुमुखी लिपि को चुना, खुदखुशी करने की कोशिश 

    डीसीपी ने कहा कि बिश्नोई ने यह भी खुलासा किया है कि उन्होंने गुरुमुखी लिपि को चुना क्योंकि उन्हें देवनागरी लिपि की तुलना में यह अधिक प्रभावशाली लगी। डीसीपी मल्होत्रा ने कहा, “उन्होंने दो बार खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी की थी और आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी। उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।”