भाजपा को झटका पर दबदबा कायम; कांग्रेस ने दिखाई ताकत, आप ने लगाई सेंध 

    भोपाल: मध्य प्रदेश में सात साल बाद हुए नगर पालिका, जिला परिषद और नगर निगमों के चुनाव परिणाम आ गए गए हैं।  इन चुनावी परिणाम भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 11 नगर निगमों मे से भाजपा को सात में जीत मिली है। वहीं पिछले बार शुन्य रहने वाली कांग्रेस ने तीन निगमों पर कब्ज़ा कर लिया है। सबसे महत्वपूर्ण यह की सिंगरौली में आप ने जीत का परचम लहराते हुए अपना खाता खोल लिया है। 

    इंदौर-भोपाल निगम में भाजपा का कब्ज़ा 

    राज्य की सत्ता में काबिज भाजपा के लिए यह चुनाव अनुमान के मुताबिक नहीं रहे। इंदौर, भोपाल, सागर, उज्जैन, बुरहानपुर, खंडवा और सतना में पार्टी का मेयर चुना गया है। वहीं जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिंगरौली और ग्वालियर में उसे हार का मुँह देखना पड़ा पड़ा है। सबसे महत्वपूर्ण यह की जबलपुर और छिंदवाड़ा में भाजपा पिछले क्रमशः 27 और 18 साल से सत्ता में थी। इसी के साथ इंदौर में भाजपा के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय अपना वार्ड नहीं बचा पाए हैं। उनके वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी को जीत मिली है। 

    ग्वालियर में पिछले पांच दशक से जन संघ और भाजपा का कब्ज़ा रहा है, लेकिन उसे इस बार हार का मुँह देखना पड़ा। पार्टी के प्रत्याशी सुमन शर्मा को कांग्रेस की शोभा सिनकरवार ने हराया। 

    पार्षदों की संख्या में भाजपा और हुई मजबूत 

    नगर पालिका चुनाव में भाजपा भले ही तीन शहरों में अपना मेयर नहीं बना पाई हो, लेकिन अगर पार्षदों की संख्या देखें तो वह काफी मजबूत हुई है। इंदौर, भोपाल, खंडवा, सागर, उज्जैन में उसे एक तरफ़ा जीत मिली है। 11 नगर निगमों की कुल 653 सीट मे से भाजपा ने 400 से ज्यादा सेटों पर जीत मिली है। 

    कांग्रेस ने दिखाई ताकत 

    नगर निगम चुनाव में जहां कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले चुनाव में जहां वह शून्य पर काबिज थी, इस बार ग्वालियर, छिंदवाड़ा और जबलपुर में उसके महापौर बन गए हैं। ग्वालियर में पिछले 56 साल से कांग्रेस का मेयर नहीं था। वहां हमेशा जनसंघ और भाजपा का मेयर चुना जाता था लेकिन इस बार कांग्रेस ने भाजपा को झटका देते हुए अपना झंडा गाड़ दिया। इसी के साथ भाजपा के एक और गढ़ जबलपुर में भी कांग्रेस का कब्ज़ा हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी जगत बहादूर सिंह अन्नू ने भाजपा के डॉ जितेंद्र जामदार को 44 हजार से अधिक मतों से हराया। हालांकि, निगम में कुल वार्डो में भाजपा ने 44 और कांग्रेस को केवल 26 वार्ड में जीत हासिल हुई है। 

    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आखरी अपने गढ़ छिंदवाड़ा में 18 साल बाद कांग्रेस का महापौर बनाने में सफल रहे। पार्टी के उम्मीदवार विक्रम अहाके ने भाजपा के अनत धुर्वे को हराया। कमलनाथ इस सीट से आठ बार सांसद रह चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद वह यहां कांग्रेस का मेयर नहीं बनवा पाए थे, लेकिन इस बार वह कामयाब रहे।

    सिंगरौली में आप ने खोला खाता 

    मध्य प्रदेश निगम चुनाव में सबसे आश्चर्य सिंगरौली सीट पर आम आदमी पार्टी का महापौर बनने का रहा। आप की राखी अग्रवाल ने भाजपा के चंद्र प्रताप विश्वकर्मा को 9352 वोटो से हराया। इस जीत के साथ आप का मध्य प्रदेश में खाता खुल गया है। हालांकि, आप की जीत में भाजपा के गलत प्रत्याशी का चुनाव और ब्राह्मणों की नाराजगी भारी पड़ी है।