महाकाल के भक्तों को बड़ी राहत, भस्म आरती में शामिल होने की मिली अनुमति

    उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर ने कोविड-19 महामारी के कारण करीब 17 महीने के अंतराल के बाद शनिवार से भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती में श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति फिर से देना प्रारंभ कर दिया है।

    मंदिर के प्रशासक मूलचन्द जुनवाल ने बताया कि शनिवार सुबह चार बजे मंदिर के गर्भगृह के कपाट खुलने के बाद कम से कम 686 श्रद्धालुओं ने दो घंटे तक चली भस्म आरती के अनुष्ठान में हिस्सा लिया। देश भर से बड़ी तादाद में भक्त इस आरती में शामिल होने आते हैं लेकिन पिछले साल मार्च में कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए इस आरती में भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गयी थी। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव का लिंग देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

    मंदिर समिति के अध्यक्ष और जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि तीन सितंबर को मंदिर समिति के निर्णय के अनुसार भक्तों को कोविड-19 दिशा-निर्देशों के पालन के साथ शनिवार से भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि पिछले 17 महीनों से बिना श्रद्धालुओं के मंदिर में केवल पुजारी ही भस्म आरती कर रहे थे।

    मंदिर प्रशासन के अनुसार, भस्म आरती के लिए एक हजार भक्तों को शामिल होने की अनुमति होगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मंदिर की वेबसाइट से ‘पास’ प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा ‘पास’ मंदिर में बनाए गए एक कियोस्क से भी प्राप्त किया जा सकता है।