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तेल्हारा. तहसील के किसानों ने वान बांध के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद के बाद 3 जनवरी को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी लेकिन राज्य के जल संसाधन मंत्री का आश्वासन और ग्राम पंचायत चुनाव को देखते हुए यह आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की गयी है. बालापुर के 69 गांवों में जलापूर्ति योजना के लिए अकोला में अमृत योजना के साथ-साथ सतपुड़ा के तलहटी में स्थित वान बांध से पानी को लेने का प्रयास किया जा रहा था.

जिससे नाराज किसान पिछले हफ्ते मुंबई में गए और जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल से मिले. तब मंत्रालय में अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक लेकर 15 से 20 दिनों में किसानों की समस्या हल करने का आश्वासन दिया. साथ ही वर्तमान में तहसील में ग्राम पंचायतों के चुनाव होने से किसानों ने 3 जनवरी को आयोजित वान बांध आंदोलन को स्थगित किए जाने की घोषणा वान पानी बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में की गयी है. अगर सरकार ने पानी की समस्या का समाधान नहीं किया तो समिति ने इस आंदोलन को अंजाम देने की चेतावनी दी है.

जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को बुलाया और किसानों के साथ पानी के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने अधिकारियों को पानी के संबंध में पूरी जानकारी एकत्र करने और 15 से 20 दिनों में अकोला जिले का दौरा करने तथा एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.

उन्होंने आश्वासन दिया कि तेल्हारा तहसील के किसानों के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाएगा, उन्हें उनका वाजिब पानी मिलेगा और अगर आवश्यकता पड़ती है तो वे फिर से किसानों से मंत्रालय में मिलेंगे. पालकमंत्री बच्चू कडू ने भी तेल्हारा या अकोला में बैठक लेकर अधिकारी और किसानों की बैठक लेकर तहसील के किसानों की पानी की समस्या हल करने का आश्वासन दिया है.

इसी तरह ग्राम पंचायत चुनाव आचार संहिता के कारण, वन बांध पर 3 जनवरी को आयोजित किसानों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल स्थगित कर दी गई है.